नगांव सांसद देबाशीष शर्मा ने सड़क हादसे के घायल को अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नगांव लोकसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित सांसद देबाशीष शर्मा ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को नगांव-मोरीगांव रोड पर सड़क हादसे के एक घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुँचाकर मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, घायल व्यक्ति गंभीर हालत में सड़क किनारे पड़ा था, जिसे देखकर शर्मा ने तत्काल अपनी गाड़ी रुकवाई और सहायता की।
घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सांसद देबाशीष शर्मा उस समय नगांव-मोरीगांव रोड से सुबह-सुबह गुजर रहे थे, जब उनकी नजर सड़क के किनारे पड़े एक घायल व्यक्ति पर पड़ी। उन्होंने बिना देरी किए अपनी गाड़ी रोकी, घायल को स्वयं उठाया और उसी वाहन से उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाने का इंतजाम किया।
रिपोर्टों के अनुसार, घायल व्यक्ति की पहचान और उसकी वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति की तत्काल जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी। अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया है।
चुनावी जीत के बाद पहली सुर्खी
यह घटना नगांव लोकसभा उपचुनाव में शर्मा की ऐतिहासिक जीत के कुछ दिनों बाद हुई है। उन्होंने ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को 1,41,916 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया था।
चुनाव आयोग के आँकड़ों के अनुसार, देबाशीष शर्मा को 7,13,622 वोट प्राप्त हुए, जबकि अजमल को 5,70,413 वोट मिले। कांग्रेस (INC) उम्मीदवार सिबामनी बोरा 1,28,743 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
नगांव सीट पर यह उपचुनाव राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण रहा, क्योंकि BJP और AIUDF के बीच इस सीट को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। परिणामों की घोषणा के बाद नगांव शहर सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में जश्न का माहौल रहा।
गौरतलब है कि असम में नगांव सीट पारंपरिक रूप से संवेदनशील चुनावी बहुल क्षेत्र मानी जाती है, जहाँ सांप्रदायिक समीकरण और स्थानीय विकास मुद्दे मतदाताओं की प्राथमिकता में रहते हैं।
जनता में प्रतिक्रिया
हादसे के शिकार व्यक्ति की मदद के लिए देबाशीष शर्मा के तत्परता से सामने आने की चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। इस घटना ने चुनावी परिणामों से हटकर उनके व्यक्तित्व और जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी सक्रियता पर ध्यान केंद्रित किया है।
अब जब शर्मा संसदीय जिम्मेदारियाँ संभालने की तैयारी में हैं, यह घटना उनके निर्वाचन क्षेत्र में उनकी छवि के लिए एक सकारात्मक शुरुआत मानी जा रही है।