क्या कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद का कहना है कि एसआईआर गलत है?
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने एसआईआर प्रक्रिया को गलत बताया है।
- सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि नाम हटाने की सूची सार्वजनिक की जाए।
- केरल में दो खिलाड़ियों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की गई।
- पीएम मोदी के गरीबी के आंकड़ों पर सवाल उठाए गए हैं।
- मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग कई राज्यों में वोटर लिस्ट को सुधारने के लिए एसआईआर प्रक्रिया का उपयोग कर रहा है, लेकिन विपक्षी दल इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने इस प्रक्रिया को गलत बताया है।
उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से गलत हो रहा है।
केरल में एसआईआर को लेकर, सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनकी सूची को सार्वजनिक कार्यालयों और आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि आपत्ति दर्ज करने की समय-सीमा बढ़ाई जाए।
इस निर्देश पर कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बिल्कुल सही बात कही है। चुनाव आयोग अब एक भाजपा का हथियार बन चुका है। जो लोग विपक्ष को वोट देते हैं, उनके नाम निकालने के लिए आयोग काम कर रहा है। एसआईआर पूरी तरह से गलत है। न्यायपालिका ने पूरे मामले में शामिल हो गई है, और हम इससे खुश हैं।
केरल के एक हॉस्टल से दो खिलाड़ियों के शव मिलने पर शमा मोहम्मद ने कहा कि यह बहुत ही दुखद है। यह सोचने वाली बात है कि उन्हें ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा। क्या वजह थी - यह पता लगाना चाहिए। केरल सरकार को स्पष्ट रूप से जांच करानी चाहिए। यह आत्महत्या है या नहीं, अभी स्पष्ट नहीं है। मैं अपनी ओर से गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। जब इस पर कांग्रेस नेता से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि जब 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया हो तो 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन क्यों दिया जा रहा है। अगर इतने लोग गरीबी से बाहर आ चुके हैं, तो मुफ्त राशन की जरूरत क्यों है। कांग्रेस की सरकार ने 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर किया था। पीएम मोदी जो कह रहे हैं, तो डेटा कहां है।
मध्य प्रदेश के एक स्कूल पर बुलडोजर की कार्रवाई पर शमा मोहम्मद ने कहा कि मध्य प्रदेश में अब्दुल नाम का व्यक्ति एक स्कूल बना रहा था। उन्होंने कहा कि जिस इलाके में स्कूल बनाया जा रहा था, वहां मुसलमान बहुत कम हैं और दलित ज्यादा हैं। अब्दुल स्कूल बनाकर बच्चों को शिक्षा देना चाहता था। उसने 20 लाख रुपये का कर्ज भी लिया था। उसके पास सारे कागजात भी थे, बावजूद इसके बिना किसी जांच के बुलडोजर की कार्रवाई कर दी गई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मध्य प्रदेश में शिक्षा की व्यवस्था बहुत दयनीय है।