गौतमबुद्धनगर पुलिस का दिल्ली बॉर्डर पर सघन चेकिंग अभियान, संदिग्ध वाहनों की तलाशी जारी
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली बॉर्डर के आसपास सघन चेकिंग अभियान तेज़ कर दिया है, जिसके तहत संदिग्ध वाहनों को रोककर उनकी गहन तलाशी ली जा रही है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के सीधे निर्देशन में चल रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
अभियान का संचालन और नेतृत्व
यह अभियान डीसीपी नोएडा साद मिया खान और एडीसीपी नोएडा अभय कुमार मिश्रा के पर्यवेक्षण में संचालित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, एसीपी-2 नोएडा मयंक तिवारी पुलिस बल के साथ दिल्ली बॉर्डर के निकट विभिन्न स्थानों पर व्यक्तिगत रूप से चेकिंग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों द्वारा ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ कर्तव्य निर्वहन के निर्देश दिए गए हैं।
चेकिंग की प्रक्रिया
सड़क से गुजरने वाले वाहनों की जाँच के दौरान जिन वाहनों की गतिविधियाँ संदिग्ध प्रतीत होती हैं, उन्हें तत्काल रोककर आवश्यक पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। वाहन चालकों से अपेक्षा की जा रही है कि वे जाँच के दौरान पुलिस का पूरा सहयोग करें।
पीसीआर और पीआरवी की तैनाती
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस के पीसीआर और पीआरवी वाहन भी क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील हैं। इन वाहनों के माध्यम से विभिन्न इलाकों में गश्त की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुँच सके। गौरतलब है कि दिल्ली-नोएडा सीमा रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है, और यहाँ नियमित अंतराल पर चेकिंग अभियान चलाए जाते रहे हैं।
आम नागरिकों पर असर
इस अभियान के चलते दिल्ली-नोएडा बॉर्डर से गुजरने वाले आम यात्रियों को अपने वैध दस्तावेज़ साथ रखने की सलाह दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पर्व-त्योहारों के सीज़न को देखते हुए कई राज्य पुलिस बलों ने सुरक्षा निगरानी बढ़ाई है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति पूरी तरह संतोषजनक न हो जाए। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर विशेष नज़र रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश बने हुए हैं।