मध्य प्रदेश में सड़क हादसे: दो आदिवासी युवकों की मौत, दो गंभीर रूप से घायल
सारांश
Key Takeaways
- मध्य प्रदेश के बड़वानी में सड़क दुर्घटनाएँ हुईं।
- दो आदिवासी युवकों की जान गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।
- खराब सड़क स्थिति और थकान प्रमुख कारण रहे।
- सड़क सुरक्षा उपायों की कमी उजागर हुई।
- पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू की।
बड़वानी, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में दो आदिवासी युवकों की जान चली गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसे तब हुए जब उनके वाहन गहरी खाइयों में गिर गए।
पहली दुर्घटना शुक्रवार रात पाटी पुलिस थाना क्षेत्र के गोलागांव के पास बिलिया पानी घाट के निकट हुई। एक कार में सवार पांच आदिवासी युवक बड़वानी से सेमलेट गांव लौट रहे थे, तभी उनकी कार संकरी पहाड़ी सड़क पर फिसलकर एक गहरी खाई में गिर गई। इस घटना में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक की अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
पाटी पुलिस थाना प्रभारी रामदास यादव ने जानकारी दी कि वाहन पर से नियंत्रण हट गया था। ऐसा संभवतः ड्राइवर की झपकी आने या रात के समय सड़क की खराब स्थिति के कारण हुआ। उन्होंने बताया कि कार लगभग 50 से 60 फीट नीचे जा गिरी। दुर्घटना के स्थान की दुर्गमता और अंधेरे के कारण बचाव कार्य में कठिनाई आई। यह वाहन पास के एक गांव की ओर जा रहा था।
उसी दिन जिले के एक अन्य क्षेत्र में दूसरी दुर्घटना की सूचना मिली, जहाँ दो आदिवासी युवकों को ले जा रहा एक दोपहिया वाहन सड़क से फिसलकर खाई में गिर गया, जिससे दोनों युवक घायल हो गए। पाटी पुलिस थाना के एक जांच अधिकारी ने बताया कि ये घटनाएँ बड़वानी के आदिवासी-बहुल क्षेत्रों में पहाड़ी और घाट सड़कों की असुरक्षित स्थिति को दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकतर सड़कों पर उचित गार्डरेल, रिफ्लेक्टर और रोशनी की व्यवस्था नहीं है। हम जिला प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि वे तुरंत 'ब्लैक स्पॉट' की पहचान करें और वहाँ सुरक्षा बैरियर लगवाएं। ऐसे दूरदराज के क्षेत्रों में तेज रफ्तार और थकान के कारण दुर्घटनाएँ होती हैं। हम चालकों से अपील करते हैं कि वे, विशेषकर रात के समय यात्रा करते समय, अत्यधिक सावधानी बरतें।
महाराष्ट्र की सीमा से सटे बड़वानी में हाल के महीनों में कई जानलेवा दुर्घटनाएँ हुई हैं। खराब बुनियादी ढांचा, वाहनों में क्षमता से अधिक भार और सुरक्षा उपायों की कमी अक्सर इन घटनाओं के प्रमुख कारण माने जाते हैं।
पुलिस ने दोनों घटनाओं के संबंध में मामले दर्ज कर लिए हैं और जांच प्रारंभ कर दी है। घायल युवकों का इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।