बीड में बस-कार की भीषण टक्कर: तुलजापुर जा रहे 5 श्रद्धालुओं की मौत, 1 घायल
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के बीड जिले के माजलगांव में 18 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई और 1 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। तुलजापुर दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की कार और एसटी बस के बीच यह टक्कर खामगांव-पंढरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शिंदेवाड़ी फाटा के निकट हुई।
हादसे का मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार यह दुर्घटना रविवार सुबह करीब 11 बजे माजलगांव तालुका के शिंदेवाड़ी फाटा के पास हुई। कार में सवार माजलगांव शहर के गजानन नामदास सहित 5 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत होने की प्राथमिक जानकारी सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस दल तत्काल मौके पर पहुँच गया। इस दुखद हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
सड़क की बदहाल स्थिति पर स्थानीय आक्रोश
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि खामगांव-पंढरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर माजलगांव-तेलगांव-धारूर मार्ग का निर्माण कार्य घटिया गुणवत्ता का होने के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। सड़क पर कई स्थानों पर ऊबड़-खाबड़ हिस्से हैं और मध्य में दरारें भी पड़ी हुई हैं। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज करने की माँग की है।
मध्य प्रदेश में भी दो बड़े हादसे
इसी दौरान मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक और भीषण सड़क दुर्घटना हुई। धान की बोरियों से लदा एक ट्रक पहाड़ी से उतरते समय अनियंत्रित होकर ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर के पास दुकानों से जा टकराया, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए। पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर घायलों को अस्पताल भेजा।
वहीं, जबलपुर-कटंगी रोड पर शनिवार को पाटन थाना क्षेत्र में सैयद बाबा दरगाह के पास एक तेज़ रफ़्तार ट्रक की चपेट में आने से 2 लोगों की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। जबलपुर से दमोह की ओर जा रहे ट्रक ने एक मोटरसाइकिल और एक पैदल यात्री को टक्कर मारी। मृतकों की पहचान नरेंद्र यादव और मनीष बर्मन के रूप में हुई है, जबकि घायल राहुल यादव का उपचार जारी है।
पुलिस जाँच जारी
बीड पुलिस ने माजलगांव हादसे की जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जाँच में टक्कर के सटीक कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों की माँग है कि सड़क की गुणवत्ता की भी जाँच की जाए और जिम्मेदार ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र सड़क दुर्घटनाओं के मामले में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। आलोचकों का कहना है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता जाँच की पारदर्शी व्यवस्था के बिना ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं।