18 जुलाई 2026
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महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट में एसआईआर के तहत 50 लाख बांग्लादेशियों के नाम हटाने का दावा

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महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट में एसआईआर के तहत 50 लाख बांग्लादेशियों के नाम हटाने का दावा

सारांश

महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट में संशोधन को लेकर किरीट सोमैया ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया लागू होने पर 50 लाख बांग्लादेशियों के नाम हट जाएंगे। यह कदम चुनावों की शुद्धता के लिए आवश्यक है।

मुख्य बातें

किरीट सोमैया का दावा है कि महाराष्ट्र में 50 लाख बांग्लादेशियों के नाम वोटर लिस्ट से हटेंगे।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया का हवाला दिया।
कई लोग जाली दस्तावेजों के जरिए वोटर लिस्ट में शामिल हुए हैं।
यह कदम चुनावों की शुद्धता के लिए महत्वपूर्ण है।

पुणे, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट को लेकर एक महत्वपूर्ण दावा किया है। उनका कहना है कि यदि यहां भी एसआईआर की प्रक्रिया लागू हुई, तो लाखों कथित बांग्लादेशी घुसपैठिए वोटर लिस्ट से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने इसके लिए चुनाव आयोग की कार्रवाई और महाराष्ट्र में हुए इसी तरह के एक सर्वे का हवाला दिया।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में किरीट सोमैया ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 90 लाख से ज्यादा नाम काटे गए हैं। खासकर बांग्लादेश की सीमा से सटे जिलों मुर्शिदाबाद और मालदा में 10-12 लाख बांग्लादेशियों के नाम हटाए गए। उनका कहना है कि महाराष्ट्र में भी यही स्थिति देखने को मिलेगी।

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में भी 'मिनी मालदा' जैसे इलाके हैं। उनका कहना है कि मुंब्रा, सिल्लोड, मालेगांव, अमरावती और मानखुर्द जैसी जगहों पर भी कई लोगों ने जाली कागजातों के माध्यम से अपने नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करवा लिए हैं। सोमैया के अनुसार, ये लोग फ़र्जी दस्तावेज़ों का उपयोग करके लिस्ट में शामिल हुए हैं जबकि 2002 की असली वोटर लिस्ट में उनके नाम नहीं थे।

किरीट सोमैया का दावा है कि महाराष्ट्र में इस तरह की कार्रवाई के बाद करीब 50 लाख बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाए जाएंगे। उनका कहना है कि यह कदम चुनावों की शुद्धता और सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि बहुत से बांग्लादेशियों ने जाली दस्तावेजों के सहारे वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज करवाया है, जो भारत के लोकतंत्र के लिए खतरा है, इसलिए ऐसे लोगों के नाम हटना बहुत जरूरी है।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद मंगलवार को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की। इस प्रक्रिया में 90 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम हटाए गए। इसमें दो जगहों पर नाम वाले और मृतकों के नाम भी शामिल हैं। चुनाव आयोग ने हर जिले की अलग-अलग सूची जारी की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए एक सकारात्मक कदम होगा।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एसआईआर प्रक्रिया से बांग्लादेशियों के नाम हटाए जाएंगे?
हां, किरीट सोमैया के अनुसार, यदि एसआईआर प्रक्रिया लागू होती है, तो 50 लाख बांग्लादेशियों के नाम हटाए जा सकते हैं।
क्या यह प्रक्रिया चुनावों की शुद्धता के लिए आवश्यक है?
जी हां, सोमैया का कहना है कि यह कदम चुनावों की शुद्धता और सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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