'नाम: टू लिव इज वॉर' में प्रशांत नारायणन की एंट्री, महेश भट्ट बोले — 'मर्डर 2' जैसी यादगार जुगलबंदी फिर दिखेगी
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज फ़िल्मकार महेश भट्ट और अभिनेता प्रशांत नारायणन एक बार फिर एक ही छत के नीचे आ गए हैं। आगामी डार्क एक्शन थ्रिलर 'नाम: टू लिव इज वॉर' में प्रशांत नारायणन की आधिकारिक एंट्री की घोषणा 14 अक्टूबर 2026 को मुंबई से हुई। दोनों ने इससे पहले 'मर्डर 2' में साथ काम किया था, और भट्ट के अनुसार प्रशांत की अभिनय शैली में एक ऐसी कच्ची ऊर्जा और दृढ़ता है जो उनके किरदारों को दर्शकों के मन में स्थायी छाप छोड़ती है।
महेश भट्ट का विजन: विविधता ही ताक़त है
फ़िल्म की स्टारकास्ट को लेकर अपनी सोच साझा करते हुए महेश भट्ट ने कहा, 'नाम: टू लिव इज वॉर' को लेकर जो बात मुझे सबसे ज़्यादा उत्साहित करती है, वह है अलग अलग सोच और ताक़त वाले कलाकारों को एक साथ लाने का मौका।" उन्होंने कहा कि प्रशांत नारायणन के अभिनय में एक अलग ही रॉ अंदाज़ और दृढ़ता है, जो उनके किरदारों को यादगार बना देती है।
भट्ट ने जोड़ा कि 'मर्डर 2' में प्रशांत के साथ काम करते हुए उन्होंने इस ईमानदारी का अनुभव खुद किया था और वे हमेशा से उनके किरदारों में लाई गई उस प्रामाणिकता की सराहना करते रहे हैं।
शेफाली बग्गा की एंट्री से कास्ट और मज़बूत
भट्ट ने शेफाली बग्गा के फ़िल्म में शामिल होने का भी स्वागत किया। उनके अनुसार शेफाली अपनी अलग पर्सनैलिटी और स्क्रीन प्रेजेंस के साथ कास्ट को नई ऊँचाई देती हैं। उन्होंने कहा, "दोनों अभिनेता टेबल पर कुछ अलग लेकर आते हैं, और यह विविधता तब बहुत ज़रूरी होती है जब आप कई किरदारों और परतों वाली कहानी बता रहे होते हैं।"
निर्माताओं की प्रतिक्रिया
फ़िल्म के निर्माता रिद्धि चावड़ा और उत्सव उपाध्याय ने एक संयुक्त बयान में कहा, "महेश भट्ट जैसे विजनरी के साथ काम करना एक शानदार सफ़र है।" उन्होंने बताया कि 'नाम: टू लिव इज वॉर' के लिए ऐसी स्टारकास्ट चाहिए थी जो किरदार निभाए नहीं, बल्कि उन्हें जिए। निर्माताओं के अनुसार वीर पहाड़िया, वरुण शर्मा, प्रशांत नारायणन, विजयंत कोहली और शेफाली बग्गा जैसे अलग अलग प्रतिभाओं को एक साथ लाने से स्क्रीन पर एक जादुई तालमेल बना है।
फ़िल्म की टीम और पृष्ठभूमि
'नाम: टू लिव इज वॉर' को उत्सव एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित किया गया है और इसका निर्देशन सिद्धांत सचदेव ने किया है। अल्फानियन स्टूडियोज़ स्टूडियो पार्टनर के रूप में इस परियोजना से जुड़ा है। यह फ़िल्म अपनी डार्क थीम और मल्टी लेयर्ड कहानी के लिए दर्शकों की उत्सुकता जगा रही है।
गौरतलब है कि महेश भट्ट और प्रशांत नारायणन की 'मर्डर 2' (2011) में जुगलबंदी को दर्शकों ने खूब सराहा था — और अब डेढ़ दशक से अधिक समय बाद दोनों की यह पुनर्मिलन फ़िल्म प्रेमियों के लिए एक विशेष आकर्षण बन गई है। फ़िल्म की रिलीज़ डेट का अभी ऐलान बाक़ी है।