एनसीबी का फाजिल्का में बड़ा ऑपरेशन: 1.538 किलो हेरोइन, ग्लॉक पिस्टल सहित तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने पंजाब के फाजिल्का जिले में संयुक्त ऑपरेशन चलाते हुए 1.538 किलो हेरोइन, एक ग्लॉक पिस्टल और 3 कारतूस बरामद किए हैं। 17 अक्टूबर 2026 को दर्ज इस मामले में तीन आरोपियों — जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है — को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। यह ऑपरेशन फाजिल्का जिले में बनवाला स्थित छाबड़ा रिसॉर्ट के नज़दीक अंजाम दिया गया।
ऑपरेशन का विवरण
एनसीबी की अमृतसर और चंडीगढ़ इकाइयों ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर यह संयुक्त कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी में 1.538 किलो हेरोइन के साथ-साथ एक ग्लॉक पिस्टल और 3 जीवित कारतूस भी जब्त किए गए, जो यह संकेत देते हैं कि तस्करों के पास हथियारबंद सुरक्षा का भी इंतज़ाम था।
एनसीबी ने इस मामले में अपराध संख्या 28/2026 दर्ज की है, जिसके तहत नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम 1985 की धारा 8, 21, 29 और 60 लागू की गई हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पकड़े गए तीनों व्यक्तियों में पहला है जसविंदर सिंह (20 वर्ष), पुत्र पुष्पेंद्र सिंह, निवासी लालकुर्ती, फिरोजपुर कैंट, पंजाब। दूसरा आरोपी पवंदीप सिंह, पुत्र सुरजीत सिंह, निवासी गाँव नौशहरा पन्नुआं, जिला तरनतारन, पंजाब है। तीसरा एक नाबालिग है जो फिरोजपुर कैंट, पंजाब का रहने वाला बताया गया है।
मुख्य सरगना जेल से चला रहा था नेटवर्क
शुरुआती जाँच में एनसीबी को पता चला है कि इस खेप का मुख्य हैंडलर फिलहाल फिरोजपुर सेंट्रल जेल में बंद है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में जेलों के अंदर से ड्रग नेटवर्क चलाए जाने की घटनाएँ चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब पंजाब में किसी हेरोइन नेटवर्क का सूत्रधार जेल की सलाखों के पीछे से ऑपरेशन चला रहा पाया गया हो। एनसीबी इस पूरे नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला के दोनों सिरों — यानी हेरोइन का स्रोत और अंतिम गंतव्य — की पड़ताल कर रही है।
एनसीबी की अपील और आगे की जाँच
एनसीबी ने कहा कि ब्यूरो नशा मुक्त भारत के संकल्प के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ब्यूरो ने आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि नशा तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी मानस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
आने वाले दिनों में एनसीबी के इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं, क्योंकि जाँचकर्ता नेटवर्क की पूरी कड़ी को उजागर करने में जुटे हैं।