क्या पीटीआई रविवार को कराची में जनसभा आयोजित करेगी?
सारांश
Key Takeaways
- पीटीआई की जनसभा 11 जनवरी को कराची में होगी।
- मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने आंदोलन का समर्थन करने का आह्वान किया।
- जनसभा का मुख्य उद्देश्य पार्टी की स्थिति को मजबूत करना है।
- यह जनसभा कराची के इतिहास की सबसे बड़ी सभा होने का दावा किया जा रहा है।
- जनसभा शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित की जाएगी।
इस्लामाबाद, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) रविवार को कराची के मजार-ए-क़ायदे आज़म पर एक विशाल जनसभा करने जा रही है।
मुख्यमंत्री अफरीदी ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि वे पीटीआई के संस्थापक इमरान खान का संदेश सिंध के नागरिकों तक पहुँचाने आए हैं और उन्होंने क्षेत्र के लोगों से पार्टी के सड़क आंदोलन को पूरा समर्थन देने की अपील की।
उन्होंने कहा, “मेरी यात्रा तीन दिनों की है और इस दौरान कई गतिविधियाँ निर्धारित की गई हैं। आप सभी (सिंध के लोग) पीटीआई के सड़क आंदोलन का समर्थन करें। मैं आपसे वहीं मिलूंगा। सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम रविवार शाम 4:30 बजे कराची के मजार-ए-क़ायदे आज़म पर होने वाली जनसभा है। इसकी तैयारियाँ अभी से शुरू कर दें। हम कराची के इतिहास की सबसे बड़ी सभा करेंगे।”
मुख्यमंत्री अफरीदी के सूचना मामलों के सहयोगी शफी जान ने बताया कि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोमवार को सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, वे पीटीआई नेतृत्व के साथ इंसाफ हाउस में बैठक करेंगे और अपने सिंध प्रवास के दौरान प्रेस क्लब का भी दौरा करेंगे। पाकिस्तान के ‘द न्यूज इंटरनेशनल’ ने यह जानकारी दी।
शफी जान के अनुसार, “11 जनवरी को मजार-ए-क़ायदे आज़म पर एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। (केपी) मुख्यमंत्री का सिंध दौरा सड़क आंदोलन को और तेज करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।”
अफरीदी की यह घोषणा उस समय आई है, जब पीटीआई ने कराची में सार्वजनिक बैठक की अनुमति देने के लिए प्रशासन से अनुरोध किया था। मंगलवार को कराची क्षेत्र के पीटीआई अध्यक्ष राजा अजहर ने कराची के जिला पूर्व के डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखकर बाग-ए-जिन्ना में जनसभा आयोजित करने की अनुमति मांगी थी और आश्वासन दिया था कि रैली शांतिपूर्ण होगी और आचार संहिता का पालन किया जाएगा।
गौरतलब है कि पीटीआई विपक्षी गठबंधन तहरीक-ए-तहाफ्फुज़-ए-आइन-पाकिस्तान (टीटीएपी) का हिस्सा है, जिसने 8 फरवरी 2024 को आयोजित होने वाले चुनावों के दो साल पूरे होने पर आंदोलन का आह्वान किया है। गुरुवार को टीटीएपी के चेयरमैन महमूद खान अचकजई और उपाध्यक्ष सीनेटर अल्लामा राजा नासिर अब्बास तीन दिवसीय दौरे पर लाहौर पहुंचे, जहाँ वे आंदोलन से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।