पुणे के दौंड में घर के सामने लाठी से हमला, पाँच आरोपियों पर मामला दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पुणे ज़िले के दौंड तालुका में स्वामीचिचोली गाँव में एक व्यक्ति के घर के सामने सोमवार सुबह लाठी से हमला कर उसे और गवाहों को घायल करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस घटना में पाँच आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
घटनाक्रम
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, बलभिम राजेंद्र कांबळे (आयु 37 वर्ष) ने बताया कि सोमवार, 15 सितंबर 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे उनके घर के सामने मारपीट की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी सुभाष रघुनाथ कांबळे और इंद्रप्रस्थ संतोष कांबळे ने उन्हें और मौजूद गवाहों को लाठियों से मारकर घायल किया।
इसके अतिरिक्त, राहुल सुभाष कांबळे, सागर नवनाथ कांबळे और प्रमिला नवनाथ कांबळे ने गवाहों के साथ हाथापाई करते हुए गाली-गलौज और धमकी दी। तीनों का नाम भी प्राथमिकी में शामिल है।
पुलिस की कार्रवाई
दौंड पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस हवालदार नितीन चव्हाण ने प्राथमिकी दर्ज की, जबकि मामले की आगे की जाँच पुलिस अधिकारी नवनाथ भागवत द्वारा की जा रही है।
बलिया में भी लाठी से हत्या की घटना
इसी दिन उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले से भी लाठी से हमले की एक गंभीर घटना सामने आई। मालीपुर गाँव के आगे कैथी (मथिया) के पास सोमवार शाम लगभग 7:45 बजे कुछ बदमाशों ने उमेश चौरसिया (आयु 35 वर्ष) की मोटरसाइकिल रोककर उन पर लाठियों से हमला किया।
पुलिस के अनुसार, उभाओं थाना क्षेत्र के करणी गाँव निवासी उमेश चौरसिया मालीपुर से पूजा सामग्री लेकर घर लौट रहे थे। हमलावरों की संख्या चार से छह के बीच बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल चौरसिया को स्थानीय लोग सीर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जाँच की स्थिति
बलिया पुलिस ने बताया कि हमले में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है। पुणे मामले में पाँचों आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जाँच प्रगति पर है। दोनों घटनाएँ लाठी से किए गए हमले से जुड़ी होने के बावजूद स्वतंत्र एवं अलग-अलग मामले हैं।
यह घटनाएँ ऐसे समय में सामने आई हैं जब ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत विवादों से उपजी हिंसा की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ रही है। दोनों प्रकरणों में आगे की कार्रवाई संबंधित थाना पुलिस के हाथ में है।