राजनाथ सिंह ने जनरल फान वान जियांग को वियतनाम का रक्षा मंत्री बनने पर बधाई दी, सहयोग को बढ़ाने का किया आश्वासन
सारांश
Key Takeaways
- राजनाथ सिंह ने जनरल फान वान जियांग को बधाई दी।
- यह नियुक्ति वियतनाम में सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देगी।
- भारत और वियतनाम के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंध।
- राजनाथ सिंह ने सहयोग को और गहरा करने का आश्वासन दिया।
- नियुक्ति 8 अप्रैल को की गई थी।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम में नई नियुक्तियों पर अपनी खुशी व्यक्त की है। उन्होंने जनरल फान वान जियांग को वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय रक्षा मंत्री बनने पर बधाई दी। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत हमेशा वियतनाम के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिए तत्पर रहेगा।
वियतनाम की 16वीं राष्ट्रीय सभा ने अपने पहले सत्र में इस नियुक्ति को मंजूरी दी, जो प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के नेतृत्व में 2026-2031 कार्यकाल के लिए नई सरकार का हिस्सा है। यह घोषणा 8 अप्रैल को की गई थी, जिसके बाद भारत के रक्षा मंत्री ने जनरल फान वान जियांग को बधाई दी।
राजनाथ सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जनरल फान वान जियांग के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ वियतनाम के उप-प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्ति पर जनरल फान वान जियांग को दिल से बधाई। भारत आपके निरंतर नेतृत्व में सुरक्षा, सैन्य आदान-प्रदान और रक्षा उद्योग सहयोग के क्षेत्रों में अपने लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों को और मजबूत करने तथा सहयोग को और गहरा करने के लिए तत्पर है। हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले वर्षों में हमारी साझेदारी और भी अधिक सुदृढ़ होती जाएगी।"
8 अप्रैल को वियतनाम की राष्ट्रीय सभा ने उप प्रधानमंत्रियों, मंत्रियों और सरकार के अन्य सदस्यों की नियुक्तियों के प्रस्ताव पारित किए। इस प्रक्रिया के तहत जनरल फान वान जियांग को उप प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय रक्षा मंत्री के रूप में मंजूरी दी गई।
भारत और वियतनाम के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग की परंपरा लंबे समय से चल रही है, और इस नई नियुक्ति के बाद दोनों देशों के बीच यह साझेदारी और भी मजबूत होने की उम्मीद है। राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर भरोसा जताया कि भविष्य में भी दोनों देशों के बीच यह संबंध और मजबूत होगा और दोनों पक्ष सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करेंगे।