PM मोदी के जन्मदिन पर रिजिजू बोले — 'विकसित भारत' की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा भारत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके कुशल, दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व में भारत आत्मविश्वास के साथ 'विकसित भारत' के संकल्प की ओर तेज़ी से अग्रसर है। इसी अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी।
रिजिजू ने की 'सेवा दिवस' की चर्चा
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि पीएम मोदी के जन्मदिन को पूरे देश में 'सेवा दिवस' के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के कुशल, दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास के साथ 'विकसित भारत' के संकल्प की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।'
रिजिजू ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र के साथ-साथ देश के युवाओं और महिलाओं के लिए शिक्षा एवं रोज़गार के नए विकल्प बनाने का अवसर मिला है।
रिजिजू का 2047 के संकल्प पर भरोसा
मंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और देश के युवाओं व नारीशक्ति के सामूहिक प्रयासों से 2047 तक 'विकसित भारत' का संकल्प अवश्य साकार होगा। गौरतलब है कि 'विकसित भारत' का लक्ष्य भारत की आज़ादी की शताब्दी — 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने की केंद्रीय सरकार की दीर्घकालिक नीतिगत प्राथमिकता है।
राघव चड्ढा ने एक्स पर साझा किया संदेश
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक्स पर लिखा, 'हम अक्सर सोचते हैं कि असल लीडरशिप क्या है। असल में, इसका मतलब है भविष्य के लिए विज़न रखना, काम पूरा करने का दृढ़ संकल्प और कठिन क्षणों का शालीनता से सामना करना। लेकिन शायद सबसे बड़ी खूबी लोगों को उम्मीद और उद्देश्य की भावना के साथ एकजुट करने की क्षमता है।'
चड्ढा ने आगे लिखा कि पीएम मोदी की साधारण पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च पद तक की यात्रा युवा भारतीयों के लिए यह याद दिलाती है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और लगन से क्या-कुछ हासिल किया जा सकता है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार 'विकसित भारत' रोडमैप के तहत बुनियादी ढाँचे, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सामाजिक कल्याण में बड़े निवेश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जन्मदिन के अवसर पर नेताओं द्वारा पीएम की प्रशंसा एक नियमित राजनीतिक परंपरा है, परंतु इस बार 'सेवा दिवस' की थीम ने इसे एक व्यापक जन-संपर्क अभियान का रूप दे दिया है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार 'विकसित भारत' के लक्ष्य के तहत कौन-सी ठोस नीतिगत घोषणाएं करती है।