क्या टीएमसी ने बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए नया थीम सॉन्ग जारी किया?
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी को 'शेरनी' के रूप में दर्शाया गया है।
- गाना भाजपा के खिलाफ एक मजबूत संदेश देता है।
- गाने का नारा 'बंगाल फिर जीतेगा' है।
- गाने में पार्टी की विभिन्न रैलियों के क्लिप्स शामिल हैं।
- सोशल मीडिया पर गाने को प्रचारित किया गया है।
कोलकाता, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपना नया थीम सॉन्ग जारी किया। इस गाने में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जिन्हें बंगाल की बेटी के रूप में दर्शाया गया है, को एक 'शेरनी' के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
यह गीत तृणमूल कांग्रेस के नए चुनावी सlogan पर आधारित है—"आप कितना भी हमला करें, बंगाल फिर जीतेगा।" गाने के बोल बार-बार भाजपा के खिलाफ बंगाल की संस्कृति और परंपरा की सुरक्षा करने का संदेश देते हैं।
2021 के विधानसभा चुनावों में, थीम सॉन्ग 'खेला होबे' (गेम ऑन) ने ममता बनर्जी को बंगाल की प्यारी बेटी के रूप में प्रस्तुत किया था, जिसका नारा था- 'बंगाल अपनी बेटी को चाहता है।' इस बार, वही प्यारी बेटी बंगाली संस्कृति और विरासत की रक्षक बन गई है।
तीन मिनट का यह नया गाना ममता बनर्जी और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर केंद्रित है। गाने का वीडियो पार्टी की विभिन्न रैलियों, सभाओं, जुलूसों और अन्य कार्यक्रमों के क्लिप्स से बनाया गया है।
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से, पार्टी ने वीडियो गाना जारी करते हुए लिखा, "हमारा कैंपेन सॉन्ग आखिरकार आ गया है, जो बंगाल के हर कोने में जोश भरने को तैयार है! इसे सुनें और हमारी धरती की असली ताकत को महसूस करें; बंगाल की बुलंद धड़कन, लाखों लोगों का अटूट संकल्प जो चुप रहने से इनकार करते हैं, हर साजिश और हमले के खिलाफ एक साथ उठने वाले लोगों की जोरदार दहाड़। यह गाना हमारे प्रतिरोध की धड़कन है, हमारे गौरव का गान है, मां-माटी-मानुष की आवाज है जो ऐलान करती है कि जितना भी हमला करो, फिर जीतेगा बंगाल!"
हाल के दिनों में, तृणमूल कांग्रेस के समर्थक ममता बनर्जी को 'शेरनी' कहकर संबोधित कर रहे हैं। तृणमूल नेता की शेरनी वाली छवि अब चुनावों के लिए बनाए गए इस थीम सॉन्ग में भी दिखाई गई है।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर बाहरी होने और बंगाल की भाषा और सांस्कृतिक पहचान को मिटाने के प्रयासों का आरोप लगाया है। इसी बीच, सत्ताधारी पार्टी इस नए गाने के जरिए यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि बंगाल उसके खिलाफ चल रही नफरत की राजनीति और धार्मिक ध्रुवीकरण से पूरी तरह वाकिफ है।