मैहर में NH-30 पर भीषण टक्कर: मोटरसाइकिल-स्कॉर्पियो हादसे में दो युवकों की मौत, आरोपी फरार
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मैहर जिले में नेशनल हाईवे-30 पर तामस नदी के पुल पर रविवार रात करीब 11:30 बजे एक मोटरसाइकिल और स्कॉर्पियो एसयूवी के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर में दो युवकों की जान चली गई। मृतकों की पहचान शिवम बाथरे (28) और सुजीत कोल (32) के रूप में हुई है। घटना के बाद स्कॉर्पियो में सवार लोग गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गए।
हादसे का घटनाक्रम
मैहर-रीवा रूट पर रात के अँधेरे में यह दुर्घटना तब हुई जब मोटरसाइकिल रीवा की दिशा में जा रही थी और स्कॉर्पियो विपरीत दिशा से मैहर की ओर आ रही थी। टक्कर इतनी तेज़ थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मोटरसाइकिल पर सवार दोनों युवकों को गंभीर चोटें आईं।
पुलिस की सहायता से दोनों घायलों को मैहर के सिविल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल पहुँचते ही मृत घोषित कर दिया। शवों को अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया।
मृतकों का परिचय
शिवम बाथरे जबलपुर जिले के शाहपुरा भिटौनी के रहने वाले थे और अमरपाटन में एक फाइनेंस कंपनी में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। वह अपने परिवार में इकलौते पुत्र थे। उनकी शादी 2024 में हुई थी और हादसे से महज 15 दिन पहले ही उनकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया था।
सुजीत कोल सतना जिले के मौहारी गाँव के निवासी थे और अंबिकापुर की एक कोयला खदान में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे। उनकी शादी को पाँच वर्ष हो चुके थे और परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटी हैं।
हादसे की पृष्ठभूमि
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शिवम बाथरे छुट्टी पर जबलपुर स्थित अपने घर गए हुए थे और वापसी के क्रम में अपनी मोटरसाइकिल मैहर रेलवे स्टेशन पर खड़ी छोड़ गए थे। ट्रेन से मैहर लौटने पर उनकी मुलाक़ात सुजीत कोल से हुई। इसके बाद दोनों बाथरे की मोटरसाइकिल से अमरपाटन के लिए रवाना हुए और पुल पर यह हादसा हो गया।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
पुलिस अधिकारी ने बताया, 'स्कॉर्पियो में सवार लोग गाड़ी छोड़कर भाग गए। हम हादसे की जाँच कर रहे हैं और इसमें शामिल लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।' फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
गौरतलब है कि NH-30 पर रात के समय तेज़ रफ़्तार वाहनों से दुर्घटनाओं की यह कोई पहली घटना नहीं है। मध्य प्रदेश के राजमार्गों पर रात्रि दुर्घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। जाँच के अगले चरण में पुलिस वाहन के पंजीकरण विवरण और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुँचने की कोशिश करेगी।