21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या कैबिनेट ने आरएंडडी में इनोवेशन और युवा प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए 2,277 करोड़ रुपए की डीएसआईआर योजना को मंजूरी दी?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या कैबिनेट ने आरएंडडी में इनोवेशन और युवा प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए 2,277 करोड़ रुपए की डीएसआईआर योजना को मंजूरी दी?

सारांश

कैबिनेट ने एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है, जिसका लक्ष्य भारत के आरएंडडी क्षेत्र को मजबूत करना और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है। इस योजना से साइंस और टेक्नोलॉजी में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। जानें इस योजना के बारे में और अधिक।

मुख्य बातें

कैबिनेट ने 2,277 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी है।
युवाओं को आरएंडडी में अवसर प्रदान किए जाएंगे।
यह योजना साइंस और टेक्नोलॉजी में नवाचार को बढ़ावा देगी।
भारत ने ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 39वां स्थान प्राप्त किया है।
यह योजना 2021-22 से 2025-26 तक लागू होगी।

नई दिल्ली, 24 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। कैबिनेट ने बुधवार को एक सशक्त आरएंडडी संचालित इनोवेशन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने और युवा प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए 2,277.397 करोड़ रुपए के बजट वाली डिपार्टमेंट ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च / काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (डीएसआईआर/सीएसआईआर) योजना को स्वीकृति दे दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में, कैपेसिटी बिल्डिंग एंड ह्युमन रिसोर्स डेवलपमेंट योजना को 15वें वित्त आयोग के 2021-22 से 2025-26 के कार्यकाल के लिए अनुमोदित किया गया है।

यह योजना, जिसे सीएसआईआर लागू करेगा, देश भर के सभी आरएंडडी संस्थानों, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं, और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों को कवर करेगी।

इस प्रस्ताव के अनुसार, यह पहल विश्वविद्यालयों, उद्योग, और शैक्षणिक संस्थानों में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं और शोधकर्ताओं को एक बड़ा मंच उपलब्ध कराएगी। इसके अंतर्गत साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मेडिकल, और मैथमेटिक्स साइंस (एसटीईएमएम) क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा मिलेगा।

इस योजना का उद्देश्य भारत में एसएंडटी क्षेत्र के लिए सस्टेनेबल डेवलपमेंट लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है।

इस योजना ने एसएंडटी क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले मानव संसाधनों को बढ़ाकर अपनी उपयोगिता सिद्ध की है।

विश्व बौद्धिक संपदा संगठन की रैंकिंग के अनुसार, भारत ने 2024 में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) में 39वां स्थान प्राप्त किया है, और यह प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में और बेहतर होने की संभावना है।

सरकारी समर्थन के परिणामस्वरूप, भारत अब साइंटिफिक पेपर पब्लिकेशन के मामले में शीर्ष तीन देशों में अपनी जगह बना चुका है।

डीएसआईआर की यह योजना हजारों शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को समर्थन देती है, जिनका योगदान भारत की एसएंडटी की उपलब्धियों में महत्वपूर्ण है।

इस स्वीकृति से सीएसआईआर के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित हुआ है, जो भारतीय वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान को 84 वर्षों से सेवा प्रदान कर रहा है।

यह पहल सरकार की 21वीं सदी में भारतीय विज्ञान को वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह पहल हमें भारत के आरएंडडी क्षेत्र में नवाचार के नए युग की ओर अग्रसर करती है। यह न केवल युवा वैज्ञानिकों को अवसर प्रदान करती है, बल्कि देश के साइंस और टेक्नोलॉजी में एक नया अध्याय लिखने का अवसर भी देती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीएसआईआर योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
डीएसआईआर योजना का मुख्य उद्देश्य आरएंडडी में नवाचार को बढ़ावा देना और युवा प्रतिभाओं को विकसित करना है।
इस योजना के तहत कौन-कौन से संस्थान शामिल होंगे?
इस योजना के तहत सभी आरएंडडी संस्थान, राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं, और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय शामिल होंगे।
भारत ने ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में कौन सा स्थान प्राप्त किया है?
भारत ने 2024 में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 39वां स्थान प्राप्त किया है।
इस योजना का कार्यकाल कब तक है?
यह योजना 2021-22 से 2025-26 तक के कार्यकाल के लिए है।
इस योजना से युवा शोधकर्ताओं को क्या लाभ होगा?
इस योजना से युवा शोधकर्ताओं को एक बड़ा मंच मिलेगा और उन्हें प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में विकास का अवसर मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले