क्या मजबूत घरेलू निवेश और दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ इस सप्ताह बढ़त में रहे सेंसेक्स-निफ्टी?
सारांश
Key Takeaways
- सेंसेक्स 85,706.67 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 26,202.95 पर बंद हुआ।
- वैश्विक संकेतों से मदद मिली।
- निफ्टी मिडकैप में 1.27% की वृद्धि।
- स्मॉलकैप में 0.10% की गिरावट।
मुंबई, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय इक्विटी सूचकांकों ने सकारात्मक वैश्विक संकेतों, मजबूत घरेलू निवेश और दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ लगातार तीसरे सप्ताह हल्की बढ़त दर्ज करवाने में सफलता हासिल की।
इस सप्ताह सेंसेक्स 439.43 अंक या 0.52 प्रतिशत की तेजी के साथ 85,706.67 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 89.35 अंक या 0.34 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करवाते हुए 26,202.95 पर बंद हुआ।
एनालिस्ट ने कहा कि वैश्विक संकेत सहायक बने रहे, जिसमें कमजोर यूएस यील्ड, अमेरिकी फेड के ब्याज दरों में कटौती की नई उम्मीदों, और सॉफ्ट क्रूड ऑयल कीमतों ने महंगाई से जुड़ी चिंताओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस हफ्ते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.27 प्रतिशत की तेजी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार की बात करें तो सेंसेक्स 13.71 अंक या 0.02 प्रतिशत की गिरावट पर बंद हुआ और निफ्टी 12.60 अंक या 0.05 प्रतिशत की गिरावट में रहा।
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 69.90 अंक या 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 61,043.25 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 47.55 अंक या 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,829.25 पर बंद हुआ।
सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी आईटी, फाइनेंशियल सर्विस, रियल्टी, एनर्जी और इंफ्रा सेक्टर नुकसान में रहे, जबकि ऑटो, पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी और मेटल हरे निशान में बंद हुए।
भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह कभी उतार-चढ़ाव भरे कभी मजबूत तो कभी प्रॉफिट बुकिंग जैसे इवेंट देखे गए, अंततः सप्ताह का समापन सकारात्मक रुख के साथ हुआ।
निफ्टी 25,842 स्तर के इंट्रा-डे लो पर पहुंचा लेकिन कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन यह उछलकर 26,310 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
वेंचुरा के प्रेसिडेंट और टेक्निकल हेड, भरत गाला ने कहा कि ट्रेडर्स को 25,851-25,566 के सपोर्ट जोन पर नजर रखनी चाहिए। इस स्तर को ब्रेक करने पर सूचकांक 25,337 स्तर और फिर 25,107-24,780 के जोन तक पहुंच सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स ने कहा कि मजबूत मैन्युफैक्चरिंग, सॉलिड कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी और हेल्दी प्राइवेट कंजप्शन से दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी आंकड़े उम्मीद से काफी बेहतर रहे, जिससे सेंटीमेंट को शॉर्ट टर्म सपोर्ट मिलेगा।