क्या अब म्यूजिक डायरेक्टर भी पॉपकॉर्न खा रहे हैं? : एआर रहमान

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क्या अब म्यूजिक डायरेक्टर भी पॉपकॉर्न खा रहे हैं? : एआर रहमान

सारांश

एआर रहमान के 'कम्युनल' बयान ने बॉलीवुड में हलचल मचा दी है। ममता कुलकर्णी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और सेलेब्स की राय।

मुख्य बातें

संगीत में बदलाव आ रहा है।
धर्म के नाम पर भेदभाव की समस्या को खत्म करने की आवश्यकता है।
बॉलीवुड में एकता को बढ़ावा देने की ज़रूरत है।
90 के दशक में अभिनेत्रियों का अनुभव महत्वपूर्ण था।
संगीतकारों का दृष्टिकोण बदल रहा है।

मुंबई, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध संगीतकार एआर. रहमान अपने 'कम्युनल' बयान के कारण विवादों में हैं। राजनीति से लेकर मनोरंजन जगत के कई प्रमुख सेलेब्स और साधु-संतों ने इस विषय पर अपनी राय व्यक्त की है।

पूर्व अभिनेत्री और साध्वी ममता कुलकर्णी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हर चीज की एक उम्र होती है। युवा पीढ़ी में धैर्य की कमी है। ममता ने कहा, "संगीत अब युवाओं की तरह हो गया है। पहले, सभी मिलकर काम करते थे। अब, म्यूजिक डायरेक्टर भी पॉपकॉर्न खाने लगे हैं। एआर. रहमान को खुश होना चाहिए कि मैं यहाँ आकर अपना काम क्यों करूं और कौन सा गाना गाऊं।"

उन्होंने एक घटना का जिक्र किया जब वह दुबई में ध्यान कर रही थीं। उस समय उन्होंने कोई फिल्म नहीं देखी थी। एक क्रिश्चियन महिला ने 'कमीने' फिल्म का नाम लिया, तो ममता ने कहा कि टाइटल ही ऐसा है, गाने क्या होंगे? अब वह दूध-दही जैसी हो गई हैं और एक स्पिरिचुअल जीवन जी रही हैं।

ममता कुलकर्णी 90 के दशक की प्रमुख अभिनेत्रियों में से एक थीं। उन्होंने कई सुपरस्टार्स के साथ काम किया है। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बॉलीवुड में धर्म के नाम पर हो रहे भेदभाव पर दुख व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, "मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मैंने 90 के दशक में काम किया। उस समय हम सब एक थे। आमिर खान मेरे घर आकर बैठते थे। हम कभी धर्म नहीं देखते थे। अब क्या बदल गया? अब बॉलीवुड में भेदभाव है। लोग कहते हैं आमिर मुस्लिम हैं या हिंदू। यह सब बंद होना चाहिए। एक कलाकार केवल कलाकार होता है, इनमें भेदभाव मत लाओ।"

इससे पहले शान, शंकर महादेवन और अनूप जलोटा भी अपने विचार व्यक्त कर चुके हैं। सिंगर शान ने कहा कि उन्हें भी कई वर्षों तक काम नहीं मिला, लेकिन उन्होंने इसे कभी व्यक्तिगत तौर पर नहीं लिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि उनके धर्म से। बॉलीवुड में भेदभाव की समस्या को खत्म करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआर रहमान का 'कम्युनल' बयान क्या है?
एआर रहमान ने एक बयान दिया है जो धार्मिक भेदभाव को लेकर चर्चा का विषय बना है।
ममता कुलकर्णी ने इस मुद्दे पर क्या कहा?
ममता कुलकर्णी ने कहा कि म्यूजिक डायरेक्टर अब पॉपकॉर्न खाने लगे हैं, यह एक संकेत है कि संगीत में बदलाव आ रहा है।
बॉलीवुड में धर्म के नाम पर भेदभाव क्यों हो रहा है?
बॉलीवुड में कलाकारों को उनके धर्म के आधार पर अलग-अलग नजरिया से देखा जा रहा है, जो एक गंभीर समस्या है।
राष्ट्र प्रेस
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