जुड़वां बच्चों के पिता बनने के बाद गौतम रोडे की सोच में बदलाव, बोले- 'चुनौतीपूर्ण किरदार करना चाहता हूं'

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जुड़वां बच्चों के पिता बनने के बाद गौतम रोडे की सोच में बदलाव, बोले- 'चुनौतीपूर्ण किरदार करना चाहता हूं'

सारांश

गौतम रोडे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर अब अपने अभिनय को लेकर अधिक सचेत हैं। जुड़वां बच्चों के पिता बनने के बाद उन्होंने महसूस किया कि सीधे-सादे किरदारों की पुनरावृत्ति से उनका विकास रुक गया है। अब वे मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों वाली भूमिकाओं में अपने कलाकार को परीक्षा लेना चाहते हैं।

Key Takeaways

गौतम रोडे ने राष्ट्र प्रेस को साक्षात्कार में कहा कि जुड़वां बच्चों के पिता बनने के बाद उनकी सोच बदल गई है। वह अब सीधे-सादे किरदारों से परे जाकर मानसिक और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण भूमिकाएँ करना चाहते हैं। 'सरस्वतीचंद्र' में उनकी भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई, लेकिन वह अब एक ही तरह के किरदारों तक सीमित नहीं रहना चाहते। गौतम का मानना है कि बार-बार एक समान भूमिकाएँ निभाने से अभिनेता की सीखने की प्रक्रिया रुक जाती है। वह शीघ्र ही 'अनदेखी' के चौथे सीजन में एक शक्तिशाली किरदार में दिखाई देंगे।

मुंबई, 3 मई (राष्ट्र प्रेस)। टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अभिनेताओं के लिए अपनी पहचान को लगातार नए रूपों में प्रस्तुत करना एक बड़ी चुनौती होती है। गौतम रोडे भी उन कलाकारों में हैं जो अपनी अभिनय यात्रा में विविधता लाना चाहते हैं। राष्ट्र प्रेस को दिए एक विस्तृत साक्षात्कार में उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुड़वां बच्चों के जन्म के बाद उनके विचारों में आया बदलाव सामान्य धारणा से कहीं अलग है।

करियर में नई दिशा की तलाश

अनदेखी के चौथे सीजन में शीघ्र ही प्रदर्शित होने वाले गौतम रोडे इस शो में एक शक्तिशाली भूमिका निभा रहे हैं। राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा, ''पिता बनने के बाद मैंने अपने कार्य को लेकर अधिक गंभीरता से सोचना शुरू कर दिया है। मैं अब ऐसी भूमिकाएँ निभाना चाहता हूं, जो मुझे एक अभिनेता के रूप में वास्तविक परीक्षा दें और मेरे अंदर के कलाकार को परिष्कृत करें।''

पुरानी छवि से मुक्ति की इच्छा

गौतम ने अपने पिछले काम के बारे में विस्तार से बताया, ''अब तक मैंने अपने करियर में अनेक ऐसी भूमिकाएँ निभाई हैं, जिनमें मैं एक सरल और सीधे इंसान के रूप में दिखाई दिया हूं। विशेषकर, 'सरस्वतीचंद्र' में मेरी भूमिका को दर्शकों ने व्यापक स्वीकृति दी थी। इस धारावाहिक ने मुझे हर घर में एक पहचानी हुई शख्सियत बना दिया, लेकिन मैं अब अपने आपको एक ही प्रकार की भूमिकाओं तक सीमित नहीं रखना चाहता।''

अभिनय में निरंतर विकास की आवश्यकता

अभिनेता ने जोर देते हुए कहा, ''जब कोई कलाकार बार-बार एक समान भूमिकाएँ निभाता रहता है, तो उसकी सीखने की प्रक्रिया रुक जाती है। मेरा विश्वास है कि अभिनय एक ऐसी कला है, जिसमें एक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ नया सीखता है। इसीलिए मैं अब ऐसी भूमिकाएँ तलाश रहा हूं, जो मुझे मानसिक और भावनात्मक दोनों स्तरों पर परीक्षा लें।''

आंतरिक कलाकार को समझने की प्रक्रिया

गौतम ने अपने भविष्य की दिशा को लेकर कहा, ''मैं अपने अंदर छिपे कलाकार को अधिक गहराई से समझना चाहता हूं और इसी कारण मैं विभिन्न प्रकार की भूमिकाओं की खोज में हूं। मेरे लिए यह दौर एक नए प्रयोग का समय है, जहाँ मैं अपनी सीमाओं को तोड़कर अलग-अलग किरदारों में अपने आप को आजमाना चाहता हूं। यह परिवर्तन न केवल मेरे करियर के लिए, बल्कि एक कलाकार के रूप में मेरे व्यक्तिगत विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।''

Point of View

लेकिन वह अब इससे बाहर निकलना चाहते हैं। यह आत्मचेतना की निशानी है। हालाँकि, सवाल यह है कि क्या निर्माता और निर्देशक ऐसे प्रयोगों के लिए तैयार हैं? भारतीय दर्शकों की रूढ़िवादी पसंद और ब्रांड सुरक्षा की चिंता अक्सर अभिनेताओं को नए भूमिकाओं में प्रयोग करने से रोकती है। गौतम का यह कदम अगर सफल हो, तो यह उद्योग में एक सकारात्मक संकेत हो सकता है कि वरिष्ठ अभिनेता भी बदलाव के लिए तैयार हैं।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

गौतम रोडे के जुड़वां बच्चों के जन्म का उनके करियर पर क्या असर पड़ा?
गौतम रोडे के अनुसार, जुड़वां बच्चों के पिता बनने के बाद उन्होंने अपने काम को लेकर अधिक गंभीरता से सोचना शुरू किया है। इसने उन्हें एहसास कराया कि वह अपनी अभिनय क्षमता को सीधे-सादे किरदारों तक सीमित नहीं रखना चाहते।
गौतम रोडे अब किस तरह के किरदार करना चाहते हैं?
गौतम रोडे अब ऐसी भूमिकाएँ करना चाहते हैं जो उन्हें मानसिक और भावनात्मक रूप से चुनौती दें। वह अपने अंदर के कलाकार को गहराई से समझना और विविध प्रकार के किरदारों में अपने आप को आजमाना चाहते हैं।
'सरस्वतीचंद्र' में गौतम रोडे की भूमिका ने उन्हें कैसे प्रभावित किया?
'सरस्वतीचंद्र' में गौतम रोडे की भूमिका को दर्शकों ने व्यापक स्वीकृति दी और यह शो उन्हें घर-घर में एक पहचानी हुई शख्सियत बना गया। हालाँकि, गौतम अब इसी तरह की भूमिकाओं तक सीमित नहीं रहना चाहते।
गौतम रोडे की आने वाली परियोजनाएँ क्या हैं?
गौतम रोडे शीघ्र ही 'अनदेखी' के चौथे सीजन में दिखाई देंगे, जिसमें वह एक शक्तिशाली और चुनौतीपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अभिनय में निरंतर विकास के लिए गौतम रोडे क्या मानते हैं?
गौतम रोडे का मानना है कि अभिनय एक ऐसी कला है जिसमें एक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ नया सीखता है। जब कोई कलाकार बार-बार एक समान भूमिकाएँ निभाता है, तो उसकी सीखने की प्रक्रिया रुक जाती है।
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