आईएफपी फिल्म फेस्टिवल: क्या एआई के समय में लिखना आवश्यक है? एक्ट्रेस फातिमा सना शेख ने समझाया

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आईएफपी फिल्म फेस्टिवल: क्या एआई के समय में लिखना आवश्यक है? एक्ट्रेस फातिमा सना शेख ने समझाया

सारांश

मुंबई में आईएफपी फिल्म फेस्टिवल ने नए विचारों को जन्म दिया है। अभिनेत्री फातिमा सना शेख ने एआई के प्रभाव पर गहरी चर्चा की है। उनकी फिल्म 'गुस्ताख इश्क' और नसीरुद्दीन शाह के साथ अनुभव साझा करते हुए, उन्होंने बताया कि क्यों आज भी लेखन और कविता महत्वपूर्ण हैं।

Key Takeaways

  • लेखन और कविता का महत्व आज भी बना हुआ है।
  • एआई के चलते हमारी सोचने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
  • फातिमा का अनुभव प्रेरणादायक है।

मुंबई, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। आईएफपी फिल्म फेस्टिवल सीजन-15 का आयोजन मुंबई में हुआ है। इस फेस्टिवल में अभिनेता विजय वर्मा और अभिनेत्री फातिमा सना शेख ने शिरकत की। एक्ट्रेस ने अपनी नई फिल्म 'गुस्ताख इश्क' और वर्तमान डिजिटल युग पर अपने विचार साझा किए।

फातिमा सना शेख ने कहा कि आज के समय में एआई के प्रभाव के चलते हम पत्र और कविता की सुंदरता को खोते जा रहे हैं। पहले हम एक-दूसरे को हाथ से लिखे हुए पत्र और कविताएं भेजते थे, जो एक अद्भुत अनुभव था। लेकिन आज, एआई के इस युग में, हम अपने विचारों पर गहराई से नहीं सोचते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि चाहे वह हिंदी हो या अंग्रेजी, यदि आपके विचार स्पष्ट नहीं हैं, तो आप अपने दिल की बात कैसे व्यक्त कर सकते हैं। शब्दों का महत्व अत्यधिक है। पत्र लिखना और कविता बनाना आज भी आवश्यक है। इससे हमारी सोचने की प्रक्रिया और स्पष्ट तथा गहरी होती है।

फातिमा की फिल्म 'गुस्ताख इश्क' हाल ही में प्रदर्शित हुई है, जिसमें विजय वर्मा और नसीरुद्दीन शाह भी शामिल हैं। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के साथ काम करने के अनुभव को साझा किया।

फातिमा ने बताया, "मैंने उनके साथ काम करने के बारे में कई कहानियां बनाई थीं, कि नसीर साहब मुझे जज नहीं करेंगे। एक दिन मुझे उनके साथ एक सीन में रोना था। आमतौर पर यह सीन सरल होता है, लेकिन उस दिन उनके सामने मेरा रोना नहीं आ रहा था। तब नसीरुद्दीन शाह ने मेरी स्थिति समझी।"

अभिनेत्री ने आगे कहा, "उन्होंने मेरी दिल की धड़कनों को पढ़ा और कहा कि इस पल में जियो, ज्यादा मत सोचो। उनकी यह बात मेरे दिल को छू गई।"

Point of View

हमें यह समझना चाहिए कि वर्तमान डिजिटल युग में लेखन और कविता का महत्व कम नहीं हुआ है। फातिमा सना शेख के विचार इस बात को स्पष्ट करते हैं कि हमें अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने के लिए शब्दों की आवश्यकता है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

फातिमा सना शेख ने किस फिल्म के बारे में बात की?
फातिमा सना शेख ने अपनी फिल्म 'गुस्ताख इश्क' के बारे में बात की।
क्या एआई के समय में लिखना जरूरी है?
फातिमा का मानना है कि एआई के प्रभाव के बावजूद लिखना और विचार व्यक्त करना आवश्यक है।
फातिमा ने नसीरुद्दीन शाह के साथ काम करने का अनुभव कैसे बताया?
फातिमा ने बताया कि नसीरुद्दीन शाह ने उन्हें प्रेरित किया और उनके साथ काम करने का अनुभव अद्भुत था।
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