काजल राघवानी का 'राइज एंड फॉल 2' में बड़ा खुलासा: 'मैंने कलाई काटकर सुसाइड की कोशिश की थी'
सारांश
मुख्य बातें
भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी ने रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल 2' के एक भावुक पल में स्वीकार किया कि उन्होंने जीवन के एक कठिन दौर में अपनी कलाई की नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया था। 6 अक्टूबर 2026 को प्रसारित इस एपिसोड में काजल की यह स्वीकारोक्ति साथी कंटेस्टेंट और दर्शकों दोनों को हिला गई। यह खुलासा उस समय हुआ जब उनकी साथी कंटेस्टेंट ने उनके हाथ पर निशान देखकर उसके बारे में पूछताछ की।
कैसे हुआ खुलासा
शो के दौरान कंटेस्टेंट निहारिका तिवारी की नज़र काजल की कलाई पर पड़े निशान पर गई और उन्होंने उसके बारे में जानना चाहा। इस पर काजल ने बेबाकी से कहा, 'मैंने सुसाइड करते समय अपने हाथ की कलाई की नस काटी थी।' यह सुनकर मौजूद तमाम कंटेस्टेंट स्तब्ध रह गए।
शो में मौजूद मनीष कश्यप ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मैं इंजेक्शन से डरता हूं, यहां लड़कियां हाथ काट लेती हैं। आप लोगों को इतनी हिम्मत आ कहां से रही है। शिद्दत से प्यार करिए लेकिन अगर कोई भूल रहा है, तो उसे भूल जाओ।'
काजल की मानसिक स्थिति और स्पष्टीकरण
काजल ने स्पष्ट किया कि यह कदम उन्होंने किसी रिश्ते के टूटने या प्यार में धोखे के कारण नहीं, बल्कि खुद की भीतरी उथल-पुथल के चलते उठाया था। मनीष कश्यप के यह पूछने पर कि कोई अपने लिए ऐसा क्यों करेगा, काजल ने अपनी मानसिक स्थिति का वर्णन करते हुए कहा, 'उस समय मैं जिंदगी के एक ऐसे दौर से गुजर रही थी, जब मुझे न ही दुनिया समझ आ रही थी और न ही जीने का मन था।'
यह ऐसे समय में आया है जब मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना, विशेषकर सार्वजनिक मंचों पर, जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
पहले भी शेयर कर चुकी हैं दर्दनाक अनुभव
गौरतलब है कि काजल राघवानी इससे पहले भी इसी शो में अपने भावनात्मक संघर्षों को सामने रख चुकी हैं। पूर्व कंटेस्टेंट अनीस भगत के साथ बातचीत में उन्होंने बताया था कि उनके एक पूर्व प्रेमी ने उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना की थी। उन्होंने बिना नाम लिए कहा था कि जिस व्यक्ति से उन्होंने प्यार किया, उसी ने उन्हें ज़मीन पर पटककर लातों से मारा और बाल खींचे।
शो के बारे में
'राइज एंड फॉल' एक लोकप्रिय भारतीय रियलिटी शो है, जो पैसे, पावर और रणनीति के खेल पर आधारित है। यह शो अमेज़न प्राइम वीडियो (अमेज़न एमएक्स प्लेयर) पर स्ट्रीम होता है और अपने बेबाक खुलासों के कारण चर्चा में बना रहता है।
काजल राघवानी की यह स्वीकारोक्ति एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि सार्वजनिक मंचों पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बातें किस हद तक ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत की जाती हैं और दर्शकों तक सही संदेश पहुँचता है या नहीं।