क्या महात्मा और गांधी में एक इंसान की कहानी छिपी है? : हंसल मेहता
सारांश
Key Takeaways
- महात्मा गांधी की इंसानी कहानी
- गांधी की कमजोरियों और गलतियों को स्वीकार करना
- सहानुभूति के साथ कहानी कहने की कला
- साधारण इंसान के रूप में गांधी को समझना
- प्रेरणादायक जीवन यात्रा
मुंबई, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। शुक्रवार को मुंबई में आयोजित 15वें आईएफपी फिल्म फेस्टिवल में प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक हंसल मेहता ने शिरकत की। इस समय उन्होंने अपनी आगामी वेब सीरीज गांधी के बारे में चर्चा की।
हंसल मेहता ने कहा कि महात्मा और गांधी के बीच स्पष्ट अंतर है। अब तक गांधी को या तो एक दिव्य व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत किया गया है या फिर कुछ लोग उन्हें पूरी तरह से गलत साबित करने का प्रयास करते रहे हैं। हमने गांधी को अब तक केवल महात्मा के रूप में देखा है, लेकिन इन दोनों के बीच एक इंसान भी था। हमारी वेब सीरीज में उसी इंसान की कहानी प्रकट होती है।
निर्देशक ने कहा कि फिल्म निर्माताओं ने अब तक महात्मा की कहानी को प्रस्तुत किया है, लेकिन किसी ने भी उन्हें एक साधारण इंसान की तरह नहीं दिखाया। इस सीरीज के माध्यम से हमारी कोशिश है कि दर्शक महात्मा को नहीं बल्कि गांधी को जानें। वह इंसान जिसने गलतियां कीं, कमजोरियां थीं, लेकिन अपनी जीवन यात्रा में वह लगातार एक बेहतर इंसान बनता गया।
उन्होंने आगे कहा, "हम भी आम इंसान हैं। हम सभी में अच्छाई और बुराई दोनों हैं। जब हम किसी साधारण आदमी की कहानी देखते हैं, तो हम उससे सीखते हैं। ठीक वैसे ही मोहन की कहानी से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। उनकी यात्रा सचमुच प्रेरणादायक है।"
निर्देशक ने स्क्रिप्ट लेखन और फिल्म निर्माण की प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए कहा, "किसी भी कहानी को बताने में सबसे महत्वपूर्ण चीज़ सहानुभूति है, लेकिन अंततः एक लेखक के रूप में मैं स्क्रीनप्ले ही लिखता हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "असल जिंदगी में किसी व्यक्ति के साथ कई घटनाएं घटित होती हैं, लेकिन फिल्म में हम केवल वही घटनाएं चुनते हैं ताकि यात्रा को सही तरीके से व्यक्त किया जा सके। फिर निर्देशक के रूप में उस स्क्रिप्ट को सिनेमाई भाषा में ढालना पड़ता है ताकि दर्शक उस कहानी से जुड़ सकें और कुछ लेकर घर लौटें।"