क्या प्रेम सागर के निधन से रामायण के राम-लक्ष्मण का दिल टूटा?

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क्या प्रेम सागर के निधन से रामायण के राम-लक्ष्मण का दिल टूटा?

सारांश

प्रेम सागर का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ा नुकसान है। रामायण के राम-लक्ष्मण ने उनके योगदान को याद किया। उनका कार्य और फिल्म निर्माता के रूप में पहचान हमेशा याद रखी जाएगी। जानें उनके जीवन की कुछ रोचक बातें और उनके योगदान को।

Key Takeaways

  • प्रेम सागर का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ा नुकसान है।
  • उन्होंने रामायण धारावाहिक को जन-जन तक पहुंचाया।
  • प्रेम सागर ने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया।
  • उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा याद किए जाएंगे।
  • उन्हें भारतीय सिनेमा में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था।

मुंबई, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध फिल्म निर्माता रामानंद सागर के बेटे और निर्माता शिवसागर के पिता प्रेम सागर के निधन पर रामायण के राम-लक्ष्मण ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सांसद अरुण गोविल ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि यह एक दुखद क्षण है। वहीं, सुनील लहरी ने इसे एक चौंकाने वाली खबर बताया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। लेकिन उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता जा रहा था, जिसके कारण डॉक्टर ने उनके परिवार को घर ले जाने की सलाह दी थी।

अभिनेता सुनील लहरी ने एक्स पर लिखा, "यह वास्तव में चौंकाने वाली खबर है कि हमने रामायण के रामानंद सागर जी के पुत्र प्रेम सागर जी को खो दिया। ओम शांति।"

अभिनेता अरुण गोविल ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और लिखा, "स्वर्गीय श्री रामानंद सागर के पुत्र और प्रसिद्ध फिल्म निर्माता श्री प्रेम सागर, जिन्होंने रामायण टीवी धारावाहिक के माध्यम से भगवान श्री राम की गरिमा और शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाया, उनके निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं प्रभु श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"

प्रेम सागर एक निर्माता और प्रसिद्ध छायाकार थे जिन्होंने भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में सागर परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया। उन्होंने भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई), पुणे से फोटोग्राफी और छायांकन में महारत हासिल की थी।

उन्हें चरस, आंखें, अलिफ लैला, और ललकार जैसी फिल्मों और टीवी सीरियल्स के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपने पिता के प्रोडक्शन हाउस, सागर आर्ट्स, के तहत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आकार दिया।

प्रेम सागर ने अपने पिता रामानंद सागर की आत्मकथा ‘एन एपिक लाइफ: रामानंद सागर, फ्रॉम बरसात टू रामायण’ लिखी थी।

Point of View

बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने एक ऐसे युग को जीया, जिसमें उन्होंने अपने काम से लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया। यह समय हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि कैसे हम अपने सांस्कृतिक धरोहर को संजो सकते हैं।
NationPress
31/08/2025

Frequently Asked Questions

प्रेम सागर का निधन कब हुआ?
प्रेम सागर का निधन 31 अगस्त को हुआ।
प्रेम सागर किसके बेटे थे?
प्रेम सागर प्रसिद्ध फिल्म निर्माता रामानंद सागर के बेटे थे।
प्रेम सागर ने किन फिल्मों में काम किया?
प्रेम सागर ने 'चरस', 'आंखें', 'अलिफ लैला', और 'ललकार' जैसी फिल्मों में काम किया।
प्रेम सागर का योगदान क्या था?
प्रेम सागर ने 'रामायण' धारावाहिक के माध्यम से भगवान श्री राम की गरिमा और शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाया।
प्रेम सागर ने किस संस्थान से शिक्षा प्राप्त की थी?
प्रेम सागर ने भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई), पुणे से शिक्षा प्राप्त की थी।