रश्मिका मंदाना ने पुट्टपर्थी में विजय देवरकोंडा के स्कूल का दौरा किया, बोलीं — 'दिल को गहरा सुकून मिला'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री रश्मिका मंदाना ने हाल ही में पुट्टपर्थी स्थित उस स्कूल का दौरा किया, जहाँ अभिनेता विजय देवरकोंडा ने अपने स्कूली जीवन के कुछ महत्वपूर्ण वर्ष बिताए थे। रश्मिका ने इस अनुभव को शांतिपूर्ण, सुंदर और दिव्य बताते हुए इंस्टाग्राम पर एक भावपूर्ण नोट साझा किया। यह यात्रा उनके और विजय के बीच के व्यक्तिगत जुड़ाव को और गहरा करने वाली रही।
पुट्टपर्थी यात्रा का भावनात्मक अनुभव
'एनिमल' और 'पुष्पा' फेम रश्मिका ने इंस्टाग्राम पर कई तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'इतने वर्षों से मैंने विजय के बचपन, उनकी पढ़ाई और स्कूली दिनों के बारे में बहुत सी बातें सुनी हैं। उनके सभी दोस्त स्कूल के समय के हैं और उन्होंने पुट्टपर्थी में पढ़ाई की है। इसीलिए मैं हमेशा उन्हें 'पर्थी बॉयज़ एंड गर्ल्स' कहकर बुलाती हूँ और अब वे मेरे भी बहुत अच्छे दोस्त बन गए हैं।'
रश्मिका ने आगे बताया कि उन्हें हमेशा लगता था जैसे कोई पहेली अधूरी रह गई हो, क्योंकि यह वह जगह थी जिसके बारे में उन्होंने बहुत कुछ सुना था, पर खुद कभी नहीं देखा था। आखिरकार उन्हें पुट्टपर्थी जाने का सुंदर अवसर मिला।
स्कूल, क्लासरूम और प्यारे मुलाकातें
अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने वह स्कूल देखा जहाँ विजय ने पढ़ाई की थी — उनके क्लासरूम और हॉस्टल भी। उन्होंने कहा, 'वहाँ मुझे कई प्यारे लोगों से मिलने का मौका मिला, जिनमें एचएम आंटी भी शामिल हैं — वो सच में बहुत ही प्यारी इंसान हैं! वहाँ जाकर मुझे जो शांति मिली, उसे शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता।'
रश्मिका ने कहा, 'उस जगह में कुछ तो ऐसा था जिसने मेरे दिल को बहुत सुकून दिया... सब कुछ बहुत ही सुंदर और दिव्य लग रहा था।'
बचपन की परवरिश और संस्कारों पर चिंतन
रश्मिका ने इस यात्रा के दौरान एक गहरा अहसास साझा किया — उन्होंने लिखा कि वो हमेशा सोचती थीं कि विजय, आनंद और पुट्टपर्थी के उन सभी दोस्तों में इतनी अच्छी बातें कैसे समान हैं। उन्होंने कहा, 'जब मैं उनके स्कूल गई, तो मुझे समझ आया कि ये सब गुण कहाँ से आते हैं। बचपन में हम जिन जगहों पर बड़े होते हैं, जिन लोगों के साथ समय बिताते हैं और हमारे माता-पिता व शिक्षक हमें जो सीख देते हैं — वे सब हमारे व्यक्तित्व का एक बहुत बड़ा हिस्सा बन जाते हैं।'
उन्होंने यह भी बताया कि वहाँ छोटे-छोटे बच्चों को वेद और भजन श्रद्धा के साथ गाते देखकर और उनके श्लोकों को पूरे दिल से जपते देखकर वो सच में गहराई से छू गईं।
आध्यात्मिक सीख और कृतज्ञता
रश्मिका ने कहा कि 'सब से प्यार करो, सबकी सेवा करो' की सीख उनके दिल के बेहद करीब रही है और इस अनुभव ने उनके अंदर ढेर सारा प्यार, कृतज्ञता और शांति भर दी। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए लिखा, 'शायद स्वामी चाहते थे कि मैं अपने जीवन के इस पड़ाव पर पुट्टपर्थी आऊँ, क्योंकि शायद यही सही समय था। कुछ जगहें आपको बिना बताए ही बहुत कुछ सिखा देती हैं।'
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा जल्द ही 'कॉफी विद करण' के नौवें सीज़न में एक साथ नज़र आने वाले हैं, जहाँ उनकी इस अनूठी दोस्ती और जुड़ाव की और झलक मिल सकती है।