टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर जुहू में फायरिंग, ड्राइवर घायल; शिंदे बोले — 'मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा'
सारांश
मुख्य बातें
18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जबकि उनका ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र के राजनीतिक और सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया।
घटनाक्रम और पुलिस की तत्काल कार्रवाई
पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार तीन हमलावरों ने जुहू में टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को निशाना बनाकर फायरिंग की। अभिनेता को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन उनका ड्राइवर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। मुंबई पुलिस ने हमलावरों की तलाश के लिए 15 विशेष टीमें गठित की हैं और जांच पूरी गति से जारी है।
गौरतलब है कि यह हमला नवरात्रि के दौरान हुआ, जब जुहू जैसे इलाके में परिवार और भीड़ बड़ी संख्या में बाहर निकलती है। सार्वजनिक स्थल पर दिनदहाड़े गोलीबारी ने मुंबई में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, 'टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर यह हमला चिंताजनक और निंदनीय है; मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।' उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं मुंबई पुलिस आयुक्त और टाइगर श्रॉफ दोनों से बात की है। शिंदे ने स्पष्ट किया कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा और 'उन्हें उनकी ही भाषा में मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।'
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए सक्रिय है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष का हमला — कानून-व्यवस्था पर सवाल
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) [NCP-SP] के विधायक रोहित पवार ने कहा कि हाल ही में एक शिवसेना पार्षद की गोली मारकर हत्या हुई, और अब बारामती में भी गोलीबारी की खबर है। उन्होंने कहा, 'अगर कलाकारों या वीआईपी को निशाना बनाकर ऐसी गोलीबारी होती रही, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा?' पवार ने मांग की कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री गृह विभाग की जिम्मेदारी किसी अन्य नेता को सौंपें।
कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने बाबा सिद्दीकी की हत्या और सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी का हवाला देते हुए सरकार को 'पूरी तरह अक्षम' करार दिया। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने महाराष्ट्र के लिए एक 'सक्रिय और निर्णायक स्वतंत्र गृह मंत्री' की माँग की।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) [UBT] नेता सुषमा अंधारे ने याद दिलाया कि ठीक एक साल पहले दशहरे के दिन बाबा सिद्दीकी की भीड़भाड़ वाले इलाके में हत्या हुई थी। उन्होंने कहा कि बिश्नोई गिरोह का नाम पहले भी इन घटनाओं में आया है, फिर भी पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने इसे '1990 के दशक की वापसी' की आशंका से जोड़ा, जब बॉलीवुड हस्तियों को जबरन वसूली रैकेट नियमित रूप से निशाना बनाते थे। उन्होंने कहा, 'सलमान खान और रोहित शेट्टी के घर पर गोलियां चलाई गईं और बाबा सिद्दीकी की हत्या कर दी गई।' पठान ने यह भी सवाल उठाया कि मुंबई पुलिस को 'सिंघम' कहा जाता है, फिर ये घटनाएँ बार-बार क्यों हो रही हैं।
आगे क्या होगा
मुंबई पुलिस की 15 टीमें तीनों हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस जाँच को 'सर्वोच्च प्राथमिकता' देने की घोषणा की है। बॉलीवुड हस्तियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की भी माँग उठ रही है। यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार इस बार केवल बयानबाजी से आगे बढ़कर ठोस सुरक्षा ढाँचा स्थापित करती है।