क्या सर्दियों में खुद को स्वस्थ रखने के लिए ये पांच स्टेप्स अपनाने चाहिए?
सारांश
Key Takeaways
- सुबह गुनगुना पानी और हल्दी का सेवन करें।
- दिन में धूप लें।
- नाक में तेल की कुछ बूंदें डालें।
- सोने से पहले पैरों की मालिश करें।
- आहार में अदरक और सूखे मेवे शामिल करें।
नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। सर्दियों में अक्सर लोग बीमार पड़ जाते हैं। चाहे बच्चे हों, बड़े या युवा, ठंड का प्रभाव सभी पर पड़ता है। खासकर, सर्दी-जुकाम, गले में खराश, बुखार और वायरल संक्रमण सभी को परेशान करने लगते हैं। ऐसे में सर्दी के मौसम में विशेष देखभाल करना अत्यंत आवश्यक है। केवल गर्म कपड़े पहनने से शरीर की सुरक्षा नहीं होती, बल्कि कुछ दैनिक आदतों में बदलाव लाकर भी सर्दी से बचा जा सकता है।
सबसे पहले, सुबह की शुरुआत गुनगुने पानी और एक चुटकी हल्दी से करनी चाहिए। खाली पेट हल्दी के साथ गुनगुना पानी लेने से पेट साफ होता है और आंतों का डिटॉक्स होता है। हल्दी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है। दूसरा स्टेप है दिन की धूप लेना। जैसे शरीर के लिए आहार आवश्यक है, वैसे ही सर्दियों में धूप भी महत्वपूर्ण है। धूप लेने से विटामिन डी की कमी पूरी होती है और हड्डियों और जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है।
तीसरा स्टेप है नाक में कुछ बूंदें तेल डालना। रात में नाक में तेल की कुछ बूंदें डालने से गले में सूखापन कम होता है और सांस लेने में आसानी होती है। यदि ठंडी हवा से सिरदर्द की समस्या होती है, तो भी यह उपाय फायदेमंद है। इसके लिए जैतून का तेल, सरसों का तेल और घी का उपयोग कर सकते हैं।
चौथा स्टेप है पैरों की मालिश करना। सर्दियों में सोने से पहले सरसों या तिल के तेल से पैरों की मालिश से दिनभर का तनाव कम होता है और अच्छी नींद आती है। मालिश से पैरों का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर गर्म रहता है। पांचवां स्टेप है आहार में अदरक, सूखे मेवे, तिल और मेथी को शामिल करना। ये सभी खाद्य पदार्थ शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं, क्योंकि इनकी तासीर गर्म होती है। इन्हें सर्दियों का सुपरफूड माना जाता है। इनका सेवन करने से शरीर को पोषण के साथ गर्माहट भी मिलती है। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी दिनचर्या का पालन करना चाहिए, क्योंकि बढ़ता प्रदूषण बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर रहा है। ऐसे में बच्चों को भी विशेष देखभाल की आवश्यकता है।