क्या पुराना चावल सेहत के लिए खजाना है? जानें आयुर्वेद की सलाह
सारांश
Key Takeaways
- पुराना चावल सेहत के लिए लाभकारी है।
- इसका सेवन कब्ज की समस्या को कम करता है।
- नए चावल में अधिक नमी होती है।
- डायबिटीज के मरीजों को सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए।
- आयुर्वेद में इसे लघु और स्निग्ध माना गया है।
नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भले ही नए चावल की चमक और खुशबू आकर्षक हो, लेकिन सेहत के लिहाज से पुराना चावल अधिक लाभदायक रहता है। आयुर्वेद में पुराने चावल को सेहत का खजाना कहा गया है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, आयुर्वेद में कम से कम एक साल पुराने चावल का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इसका कारण केवल स्वाद नहीं, बल्कि कई वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी फायदे भी हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, एक साल तक उचित तरीके से रखे गए चावल में नमी की मात्रा बहुत कम हो जाती है। कम नमी के कारण इसे पचाना आसान होता है और खाने के बाद पेट में भारीपन नहीं महसूस होता। नए चावल में अधिक नमी और स्टार्च होने के कारण कई लोगों को अपच, गैस या भारीपन की समस्या होती है, जबकि पुराना चावल हल्का और सुपाच्य होता है।
एक और महत्वपूर्ण लाभ यह है कि पुराना चावल अच्छी तरह से पक जाता है। इसके दाने एक-दूसरे से चिपकते नहीं हैं और खिचड़ी, पुलाव या साधे चावल के रूप में यह स्वादिष्ट और फूलकर तैयार होता है। आयुर्वेद में इसे ‘लघु’ (हल्का) और ‘स्निग्ध’ (चिकना) माना गया है, जो वात-पित्त दोषों को संतुलित करता है।
पुराने चावल के सेवन से कब्ज की समस्या भी कम होती है। विशेषकर गर्मियों और बरसात के मौसम में नए चावल से परहेज करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसमें अधिक नमी होने से फंगल इंफेक्शन का खतरा रहता है।
पुराना चावल सेहत के लिए अत्यधिक लाभकारी होता है। हालाँकि, कुछ व्यक्तियों को इसे सेवन करने से पहले सावधानी बरतने या डॉक्टर से सलाह लेने की आवश्यकता हो सकती है। कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों में इसका सेवन हानिकारक हो सकता है। डायबिटीज के मरीजों को चावल खाने में समस्याएँ हो सकती हैं, क्योंकि उनका ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे लोगों को पुराना चावल कम मात्रा में और डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह से खाना चाहिए। मोटापा या वजन बढ़ने की समस्या वाले व्यक्तियों को भी सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि चावल में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। अधिक मात्रा में खाने से कैलोरी बढ़ती है और वजन बढ़ सकता है।