क्या अमेरिका समेत कई देशों ने भारत को गणतंत्र दिवस पर बधाई दी?

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क्या अमेरिका समेत कई देशों ने भारत को गणतंत्र दिवस पर बधाई दी?

सारांश

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर अमेरिका, भूटान, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने भारत को बधाई दी। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस विशेष अवसर पर भारत के साथ गहरे संबंधों की बात की। यह बधाई केवल एक समारोह नहीं, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का प्रतीक है।

Key Takeaways

  • भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर अमेरिका ने बधाई दी।
  • मार्को रुबियो ने बंधन को ऐतिहासिक कहा।
  • भूटान और रूस ने भी शुभकामनाएं दीं।
  • ये बधाई अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का प्रतीक हैं।
  • इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी महत्वपूर्ण है।

वाशिंगटन, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर, अमेरिका ने भारत को बधाई दी और दोनों देशों के बीच के गहरे और मजबूत रिश्तों का उल्लेख किया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच का संबंध एक ऐतिहासिक और मजबूत बंधन है, जो समय के साथ और भी व्यापक और प्रभावशाली हुआ है।

रुबियो ने अपने संदेश में कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों की ओर से, मैं भारत के लोगों को आपके गणतंत्र दिवस पर दिल से बधाई देता हूं।" उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका और भारत की साझेदारी न केवल द्विपक्षीय स्तर पर है, बल्कि यह पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की शांति और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देश रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और उभरती हुई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में मिलकर कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही क्वाड मंच के तहत भी भारत और अमेरिका की सक्रिय भागीदारी क्षेत्रीय सहयोग को और अधिक मजबूत बना रही है।

रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका-भारत संबंध दोनों देशों और पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए ठोस और सकारात्मक परिणाम ला रहे हैं। उन्होंने भविष्य के प्रति आशा व्यक्त करते हुए कहा, "मैं आने वाले वर्ष में हमारे साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के लिए उत्साहित हूं।"

पिछले दो दशकों में अमेरिका और भारत के रिश्ते रक्षा, व्यापार, तकनीक और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से बढ़े हैं। आज यह साझेदारी इंडो-पैसिफिक ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, जहां दोनों देश अपने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर स्थिरता, आर्थिक विकास और नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।

इसी बीच, भूटान के पीएम त्शेरिंग तोबगे ने संदेश जारी कर भारत को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने लिखा, "मैं इस खुशी के गणतंत्र दिवस पर भारत सरकार और लोगों को गर्मजोशी भरी और दिल से शुभकामनाएं देने में भूटान के लोगों के साथ शामिल हूं। यह अवसर देश की समृद्ध यात्रा और उस भावना का सम्मान करता है जो पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है, साथ ही यह हमारे दोनों देशों के बीच साझा मूल्यों और गहरे संबंधों को भी दर्शाता है।"

रूस के दूतावास ने भी भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएं दीं, जिससे भारत के प्रति अंतरराष्ट्रीय सद्भाव और मित्रता का संदेश मजबूत हुआ।

रूस के दूतावास ने विभिन्न भाषाओं में 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, "भारत एक ऐसी जगह है जहां पुरानी समझ और भविष्य के सपने साथ-साथ चलते हैं। भारत ने दुनिया को दिखाया है कि विविधता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत है।"

बांग्लादेश के दूतावास ने भी भारत को 77 वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।

वहीं, ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "26 जनवरी ऑस्ट्रेलिया और भारतीयों द्वारा मनाया जाने वाला एक खास दिन है। गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं और ऑस्ट्रेलिया-भारत की मजबूत दोस्ती के एक और साल के लिए भी शुभकामनाएं।"

Point of View

जो कि दोनों देशों के बीच के मजबूत रिश्तों को उजागर करता है। यह न केवल भारत के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत की भूमिका को दर्शाता है।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

अमेरिका ने भारत को गणतंत्र दिवस पर क्यों बधाई दी?
अमेरिका ने भारत को गणतंत्र दिवस पर बधाई दी क्योंकि यह दोनों देशों के बीच की गहरी मित्रता और साझेदारी को दर्शाता है।
भूटान के पीएम ने गणतंत्र दिवस पर क्या कहा?
भूटान के पीएम त्शेरिंग तोबगे ने भारत को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी और दोनों देशों के बीच स्थायी दोस्ती का उल्लेख किया।
रूस के दूतावास ने भारत को शुभकामनाएं क्यों दीं?
रूस के दूतावास ने भारत को शुभकामनाएं दीं ताकि भारत के प्रति अंतरराष्ट्रीय सद्भाव और मित्रता का संदेश मजबूत हो सके।
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