क्या इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नाटो पर बयान की आलोचना की?

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क्या इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नाटो पर बयान की आलोचना की?

सारांश

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने डोनाल्ड ट्रंप के नाटो सहयोगियों पर किए गए बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने अफगानिस्तान में नाटो की भूमिका को महत्व देते हुए कहा कि ऐसे बयान अस्वीकार्य हैं। आइए जानें मेलोनी ने क्या कहा और यह बयान क्यों महत्वपूर्ण है।

Key Takeaways

  • जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रंप के नाटो पर बयान की आलोचना की।
  • अफगानिस्तान में नाटो के योगदान को महत्व दिया गया।
  • 11 सितंबर के हमलों के बाद नाटो की एकजुटता को रेखांकित किया गया।
  • इटली ने अफगानिस्तान में हजारों सैनिक तैनात किए।
  • सहयोगी देशों के योगदान को कम आंकना अस्वीकार्य है।

रोम, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अफगानिस्तान में सैन्य अभियानों के दौरान नाटो के सहयोगी देशों ने अमेरिका का पूरा समर्थन नहीं किया।

जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "इटली सरकार राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों से हैरान है, जिनमें कहा गया है कि नाटो सहयोगी अफगानिस्तान में अभियानों के दौरान पीछे रह गए थे।" मेलोनी ने कहा कि ऐसे दावे 11 सितंबर 2001 के आतंकवादी हमलों के बाद गठबंधन की ओर से दिखाई गई अभूतपूर्व एकजुटता को नजरअंदाज करते हैं।

मेलोनी ने आगे कहा, "11 सितंबर 2001 के आतंकवादी हमलों के बाद नाटो ने अपने इतिहास में पहली और एकमात्र बार अनुच्छेद 5 को सक्रिय किया। यह अमेरिका के प्रति एकजुटता का एक असाधारण कार्य था।"

उन्होंने इटली की तत्काल और निरंतर सैन्य प्रतिबद्धता की बात करते हुए कहा कि रोम ने हजारों सैनिक तैनात किए और नाटो के नेतृत्व वाले मिशन के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक रीजनल कमांड वेस्ट का नेतृत्व संभाला।

मेलोनी ने यह भी कहा कि लगभग बीस वर्षों की प्रतिबद्धता के दौरान हमारे राष्ट्र ने एक ऐसी कीमत चुकाई है जिस पर विवाद नहीं किया जा सकता। उन्होंने अफगान बलों के लिए युद्ध अभियानों, सुरक्षा मिशनों और प्रशिक्षण प्रयासों के दौरान मारे गए 53 इतालवी सैनिकों और 700 से अधिक घायल सैनिकों का हवाला दिया।

प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि अफगानिस्तान में नाटो देशों के योगदान को कम आंकने वाले बयान अस्वीकार्य हैं, खासकर अगर वे किसी सहयोगी राष्ट्र से आते हैं। रोम और वाशिंगटन के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की बात करते हुए मेलोनी ने कहा, "दोस्ती के लिए सम्मान की जरूरत होती है, जो अटलांटिक गठबंधन के मूल में एकजुटता सुनिश्चित करने के लिए एक मौलिक शर्त है।"

22 जनवरी को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल हुए डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान नाटो सहयोगियों पर बयान दिया था। ट्रंप ने कहा, "हमें उनकी कभी जरूरत नहीं पड़ी, हमने उनसे कभी कुछ नहीं मांगा। वे कहेंगे कि उन्होंने अफगानिस्तान में कुछ सैनिक भेजे, लेकिन वे थोड़ा पीछे और अग्रिम मोर्चों से कुछ दूर रहे।"

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात को लेकर संदेह है कि अगर कभी मदद मांगी गई तो नाटो अमेरिका का साथ देगा या नहीं।

Point of View

खासकर जब बात अंतरराष्ट्रीय संबंधों की हो। हमें अपने सहयोगियों के योगदान को समझना और स्वीकारना चाहिए।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रंप के बयान पर क्या कहा?
मेलोनी ने ट्रंप के बयान को न केवल गलत बताया, बल्कि नाटो की एकजुटता और योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।
अफगानिस्तान में नाटो की भूमिका क्या थी?
नाटो ने अफगानिस्तान में महत्वपूर्ण सैन्य मिशन चलाए और कई देशों ने इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया।
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