क्या श्रीलंका में दितवाह तूफान से 123 लोगों की मौत हुई और 130 लापता हैं?
सारांश
Key Takeaways
- दितवाह तूफान ने 123 लोगों की जान ली है।
- 130 लोग लापता हैं।
- भारत ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
- बंदरानाइक एयरपोर्ट पर हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है।
- एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।
कोलंबो, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका में आए दितवाह तूफान ने भयावह नुकसान पहुँचाया है। इस प्राकृतिक आपदा में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में दितवाह के कारण 123 व्यक्तियों की जान चली गई है। इसके साथ ही, भारत ने श्रीलंका में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इसके अलावा, भारत ने बंदरानाइक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी एक हेल्प डेस्क स्थापित किया है।
डेली मिरर की एक खबर के अनुसार, अधिकारियों ने बताया है कि 130 लोग अभी भी लापता हैं और बचाव कार्य जारी है। कैंडी जिले में सबसे ज्यादा 51 मौतें हुई हैं, जबकि 67 लोग लापता हैं। बादुल्ला में 35 मौतों की पुष्टि की गई है और 27 लोग लापता हैं। इसके अतिरिक्त, केगाले में 9, मटाले में 8, नुवारा एलिया में 6 और अम्पारा में 5 मौतें हुई हैं।
डीएमसी ने कहा है कि दितवाह तूफान से देशभर में व्यापक नुकसान हुआ है। बाढ़, भूस्खलन और तेज हवाओं से 1,02,877 परिवारों के 3,73,428 लोग प्रभावित हुए हैं। महा ओया घाटी के निचले इलाकों में रहने वालों को अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यहां भारी बाढ़ आ सकती है।
श्रीलंका में भारतीय दूतावास ने सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "श्रीलंका में भारतीय दूतावास कोलंबो के बंदरानाइक इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक इमरजेंसी हेल्प डेस्क स्थापित कर रहा है। भारतीय उच्चायुक्त जरूरतमंद यात्रियों को खाना और पानी समेत सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है। किसी भी भारतीय यात्री को सहायता की आवश्यकता हो, तो वह इमरजेंसी नंबर +94 773727832 पर संपर्क कर सकता है।"
इसके अलावा, भारत श्रीलंका में लोगों की मदद के लिए लगातार राहत सामग्री भेज रहा है। राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात की गई हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स ने शनिवार को तूफान दितवाह के बाद राहत और बचाव कार्यों में सहायता के लिए 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत श्रीलंका में दो विशेष बचाव टीमें भेजीं। 80 प्रशिक्षित रेस्क्यूअर और 4 कुत्तों वाली ये टीमें सुबह 4:06 बजे हिंडन एयरबेस से इंडियन एयर फोर्स के आईएल-76 विमान से रवाना हुईं।
इस टुकड़ी का नेतृत्व 8वीं बटालियन के कमांडेंट पी.के. तिवारी कर रहे हैं। इससे पहले भारतीय वायु सेना का एक सी-130जे विमान भी कोलंबो में उतरा, जिसमें लगभग 12 टन मानवीय सहायता भेजी गई, जिसमें टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और खाने की चीजें शामिल थीं।