क्या इंडोनेशिया में बाढ़ का कहर 300 से अधिक लोगों की जान ले गया?
सारांश
Key Takeaways
- इंडोनेशिया में बाढ़ ने 303 लोगों की जान ली।
- 279 लोग अभी भी लापता हैं।
- बीएनपीबी राहत कार्यों पर ध्यान दे रही है।
- दक्षिणी थाईलैंड में भी बाढ़ से नुकसान हुआ है।
- बचाव कार्य तेजी से जारी हैं।
जकार्ता, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। इंडोनेशिया में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के कारण 303 लोगों की मौत हो चुकी है। सुमात्रा के तीन प्रांतों में अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा में 279 लोग लापता हैं। देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) ने शनिवार को यह जानकारी दी।
बीएनपीबी के प्रमुख सुहार्यंतो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उत्तरी सुमात्रा में सबसे अधिक 166 लोगों की मौत हुई और 143 लोग अभी भी लापता हैं। पश्चिम सुमात्रा में 90 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 85 लोग लापता हैं, जबकि आचेह में 47 मौतें दर्ज की गई हैं और 51 लोग लापता हैं।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, सुहार्यंतो ने तीनों प्रांतों में तैनात बीएनपीबी यूनिट्स के साथ बैठक की, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा, ऑपरेशन को तेज किया जाए।
उन्होंने बताया कि एजेंसी तीन महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता दे रही है: लापता लोगों के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन, बाधित संचार व्यवस्था को बहाल करना, और प्रभावित निवासियों तक त्वरित लॉजिस्टिक्स पहुँचाना।
इसके साथ ही, स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि दक्षिणी थाईलैंड में भी बाढ़ से 150 लोगों की मौत हो गई है, क्योंकि पानी का स्तर घटने लगा है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
एक प्रेस ब्रीफिंग में सरकारी प्रवक्ता सिरिपोंग अंगकासाकुलकियात ने कहा कि आठ दक्षिणी प्रांतों में जान-माल की हानि का पता चला है, जिसमें सोंगखला में सबसे अधिक 110 लोगों की मौत हुई है।
डिजास्टर प्रिवेंशन एंड मिटिगेशन डिपार्टमेंट के अनुसार, दक्षिणी क्षेत्र में बाढ़ का असर 35.4 लाख लोगों पर पड़ा है, हालाँकि कई इलाकों में पानी का स्तर कम हो गया है।
हाट याई शहर को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इस सप्ताह की शुरुआत में तेज मॉनसून के दौरान भारी बारिश हुई, जिसके बाद सरकार ने सोंगखला प्रांत में इमरजेंसी की घोषणा की ताकि बचाव कार्यों को सुविधाजनक बनाया जा सके।