होर्मुज स्ट्रेट में तीसरा तेल टैंकर नेवल माइन से टकराया, IRGC ने नेविगेशन बंद करने वाले जहाजों को दुश्मन मानने की चेतावनी दी
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के होर्मुज स्ट्रेट में 12 अक्टूबर 2026 को एक और तेल टैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंग (नेवल माइन) की चपेट में आकर आग की लपटों में घिर गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, यह इस जलडमरूमध्य में तेल टैंकर विस्फोट से जुड़ी तीसरी घटना है। IRGC नौसेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी जहाज अपने नेविगेशन और पहचान सिस्टम बंद करेंगे, उन्हें शत्रु माना जाएगा और उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
ताज़ा घटना: क्या हुआ
IRGC नौसेना के बयान के अनुसार, यह टैंकर 7.5 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर जा रहा था। रविवार दोपहर उसने चेतावनी के बावजूद निर्धारित और अधिकृत मार्ग को छोड़कर एक अनधिकृत रास्ते से गुजरने का प्रयास किया। इस दौरान टैंकर एक नेवल माइन से टकरा गया, जिससे भीषण विस्फोट हुआ और जहाज में भारी आग भड़क उठी।
IRGC के अनुसार, जिस क्षेत्र से यह टैंकर गुजर रहा था, उसे पहले ही उच्च जोखिम वाला क्षेत्र घोषित किया जा चुका था। अधिकारियों ने कहा कि ईरान के नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी जहाज का यही परिणाम हो सकता है।
IRGC नौसेना की चेतावनी
IRGC नौसेना के प्रमुख अली अजमाई ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जो जहाज अपने नेविगेशन और पहचान सिस्टम बंद कर देंगे, उन्हें दुश्मन माना जाएगा। यह बयान मेहर न्यूज की रिपोर्ट के हवाले से सामने आया है। अजमाई की यह चेतावनी केवल कच्चे तेल के टैंकरों तक सीमित नहीं है — यह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तमाम वाणिज्यिक जहाजों पर लागू होती है।
पिछले दो दिनों की घटनाएँ
इस ताज़ा घटना से एक दिन पहले, शनिवार को IRGC नौसेना ने दावा किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाला एक सुपरटैंकर धमाके का शिकार हुआ। IRGC के आधिकारिक समाचार मंच सेपाह न्यूज पर जारी बयान में बताया गया कि कच्चा तेल ले जा रहे उस जहाज की नेविगेशन और GPS प्रणालियाँ बंद थीं, जिसके बाद उसमें विस्फोट और आग लगी।
इससे भी एक दिन पहले, शुक्रवार को IRGC नौसेना ने 'एनवी सनशाइन' (NV Sunshine) नामक बड़े एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) वाहक जहाज को निशाना बनाने का दावा किया था। नौसेना के मुताबिक यह जहाज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से से एक 'गैरकानूनी' रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहा था।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्त्वपूर्ण तेल पारगमन मार्गों में से एक है — इससे वैश्विक कच्चे तेल का करीब 20% गुजरता है। तीन दिनों में तीन जहाजों पर हुई कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग समुदाय में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में भूराजनीतिक तनाव पहले से ही ऊँचा है और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार अस्थिर बने हुए हैं।
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट में इस तरह की घटनाओं का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है, जो भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती हैं। भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है।
आगे क्या
IRGC की तीखी चेतावनी के बाद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और संबंधित देशों की सरकारों की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो होर्मुज स्ट्रेट के वैकल्पिक मार्गों पर दबाव बढ़ेगा और वैश्विक तेल की आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और गहरा हो सकता है।