क्या इजरायल में जेनेटिक टेस्ट किट के नतीजों से मचा बवाल?

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क्या इजरायल में जेनेटिक टेस्ट किट के नतीजों से मचा बवाल?

सारांश

इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक गंभीर समस्या का सामना किया है, जब एक जेनेटिक स्क्रीनिंग टेस्ट किट में सॉफ्टवेयर त्रुटि के कारण गलत परिणाम मिलने की जानकारी सामने आई। जानिए इस मुद्दे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।

Key Takeaways

  • जेनेटिक टेस्ट किट में सॉफ्टवेयर बग के कारण गलत परिणाम मिले।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुनः जांच का आदेश दिया।
  • यह मुद्दा प्रभावित परिवारों के लिए भावनात्मक और व्यावहारिक प्रभाव डाल सकता है।
  • संशोधित सॉफ्टवेयर संस्करण जल्द जारी किया जाएगा।
  • डिजिटल स्वास्थ्य तकनीकों में सॉफ्टवेयर त्रुटियों पर सतर्क रहना जरूरी है।

तेल अवीव, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने तब हलचल मचाई जब यह जानकारी सामने आई कि एक जेनेटिक स्क्रीनिंग टेस्ट किट, जिसका उपयोग दुर्लभ म्यूटेशन का पता लगाने के लिए किया जा रहा था, लंबे समय से गलत परिणाम दे रही थी। मंत्रालय ने तुरंत सभी संबंधित चिकित्सा संस्थानों और प्रयोगशालाओं को निर्देश दिए कि इन किट्स के परिणामों की पुनः जांच की जाए, क्योंकि प्रारंभिक आंकड़ों से पता चलता है कि सॉफ्टवेयर-आधारित त्रुटि के कारण कई टेस्टों में गलत रिपोर्ट आ सकती हैं।

इस किट का उपयोग विशेष रूप से अशकेनाजी (मध्य और पूर्वी यूरोपीय मूल के) यहूदियों में सामान्य जेनेटिक म्यूटेशन का पता लगाने के लिए किया जाता है। खबरों के अनुसार, इसके बाद एक विशेष समीक्षा समिति का गठन किया गया है।

यह टेस्ट एमईसीआर जीन में म्यूटेशन की जांच करता है, जो भ्रूण में गंभीर जेनेटिक न्यूरोलॉजिकल बीमारी के खतरे को बढ़ा सकता है। हारेट्ज आउटलेट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेनेटिक स्क्रीनिंग टेस्ट थर्मो फिशर कंपनी द्वारा विकसित किए गए थे और इनका उपयोग गर्भवती महिलाओं या प्रेग्नेंसी प्लान करने वालों और बायोलॉजिकल पिताओं के लिए किया जाता था।

रिपोर्टों के अनुसार, जिस किट में खामी पाई गई, वह उन परिवारों के लिए उपयोग की जाती थी जहाँ किसी आनुवंशिक बीमारी का पता लगाना आवश्यक होता है। इजरायल जैसे देश में, जहाँ जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा जेनेटिक कैरियर स्क्रीनिंग से गुजरता है, इस प्रकार की गड़बड़ी को गंभीर माना जा रहा है। विशेषज्ञों ने बताया कि यह त्रुटि किसी लैब-टेक्नीशियन की गलती नहीं थी, बल्कि किट के सॉफ़्टवेयर में मौजूद 'एक बग' के कारण हुई। इस कारण कुछ व्यक्तियों को गलत तरीके से “कैरियर” बताया गया, जबकि कुछ मामलों में वास्तविक जोखिम का पता नहीं चल पाया।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित टेस्ट्स की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि मामला सीमित है और इसे नियंत्रित किया जा सकता है। फिर भी, मंत्रालय ने सभी संदिग्ध रिपोर्ट्स को पुनः पढ़ने और आवश्यक होने पर पुनः परीक्षण कराने का निर्देश दिया है। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस त्रुटि का प्रभाव भावनात्मक और व्यावहारिक दोनों स्तरों पर पड़ सकता है—क्योंकि जेनेटिक कैरियर होने की जानकारी कई बार दंपतियों के प्रजनन-सम्बंधित निर्णयों को प्रभावित करती है।

इजरायल के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस घटना को पारदर्शिता और सुरक्षा उपायों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण चेतावनी बताया है। उनका कहना है कि देश की जेनेटिक स्क्रीनिंग प्रणाली सामान्यतः मजबूत मानी जाती है, लेकिन यह घटना साबित करती है कि डिजिटल स्वास्थ्य तकनीकों में बढ़ती निर्भरता के साथ सॉफ्टवेयर की त्रुटियों पर सतर्क रहना भी उतना ही आवश्यक है।

इस बीच, प्रभावित किट बनाने वाली कंपनी ने कहा है कि वह मंत्रालय के साथ मिलकर सभी तकनीकी रिपोर्टों की समीक्षा कर रही है और अगले कुछ दिनों में संशोधित सॉफ्टवेयर संस्करण जारी किया जाएगा। कंपनी ने स्वीकार किया कि यह समस्या उनके आंतरिक परीक्षण चरण में नहीं पकड़ी जा सकी, और भविष्य में ऐसी चूक रोकने के लिए परीक्षण प्रोटोकॉल और ऑडिट सिस्टम को मजबूत किया जाएगा।

इजरायल में इस खबर ने आम लोगों के बीच भी चिंता पैदा की है, विशेषकर उन परिवारों में जो हाल के महीनों में जेनेटिक स्क्रीनिंग से गुजरे हैं। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, क्योंकि प्रभावित मामलों की पुनः जांच तेजी से की जाएगी और हर व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से सूचित किया जाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश मामलों में अंतिम परिणाम सुरक्षित रहते हैं, लेकिन यदि कहीं त्रुटि पाई गई तो उसे तुरंत सुधार लिया जाएगा।

Point of View

इस प्रकार की त्रुटियाँ भविष्य में पारदर्शिता और सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़ा करती हैं।
NationPress
29/11/2025
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