क्या हम ईयू-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बेहद करीब हैं?
सारांश
Key Takeaways
- ईयू-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है।
- उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अपनी यात्रा के दौरान उत्साह व्यक्त किया।
- यह डील दो अरब लोगों के बाजार का निर्माण कर सकती है।
- समझौते की औपचारिक घोषणा २७ जनवरी को हो सकती है।
- भारत और ईयू के बीच सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर भी हस्ताक्षर होंगे।
नई दिल्ली, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। यूरोपीय काउंसिल (ईसी) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शनिवार को भारत के दौरे पर आई हैं। दौरे की शुरुआत के साथ, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ३४ सेकंड का वीडियो साझा किया, जिसमें वह अपने यात्रा का उल्लेख कर रही हैं।
उन्हें भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर उत्साह व्यक्त किया और कहा कि वे इस डील के पूरा होने के बेहद करीब हैं।
वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा, "सभी व्यापार डील्स की जननी। हम ईयू-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर आगे बढ़ रहे हैं। जल्द ही दिल्ली में मिलते हैं।"
उर्सुला ने आगे कहा, "मैं भारत जा रही हूँ। हालांकि, अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के करीब हैं। कुछ इसे सभी डील्स की मां मानते हैं। यह एक ऐसा एग्रीमेंट है जो दो अरब लोगों के बाजार का निर्माण करेगा, जो वैश्विक जीडीपी का लगभग एक चौथाई हिस्सा होगा। यूरोप आज के विकास केंद्रों, लैटिन अमेरिका से लेकर इंडो-पैसिफिक तक, और उससे आगे के इस सदी के आर्थिक पावरहाउस के साथ व्यापार करना चाहता है। यूरोप हमेशा दुनिया को चुनेगा और दुनिया यूरोप को चुनने के लिए तैयार है।"
भारत में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने ईसी अध्यक्ष का स्वागत किया। इससे पहले, दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम २०२६ में उन्होंने कहा था कि यह एक ऐसा एग्रीमेंट है जो दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और डायनामिक महाद्वीपों में से एक होने के नाते यूरोप को फर्स्ट-मूवर एडवांटेज देगा।
भारत और यूरोपीय यूनियन का बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल करने के करीब है, जिसकी औपचारिक घोषणा २७ जनवरी को हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, २७ जनवरी को होने वाली भारत-ईयू शिखर बैठक में एफटीए पर बातचीत सफलतापूर्वक पूरी होगी। एफटीए बातचीत के समापन की घोषणा के लिए दोनों पक्ष एक दस्तावेज अपनाएंगे। इसके बाद समझौते को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत यूरोपीय संसद और काउंसिल से मंजूरी दी जाएगी।
दोनों पक्ष एक सुरक्षा और रक्षा साझेदारी समझौता और ईयू में नौकरी पाने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए मोबिलिटी बढ़ाने के लिए एक पैक्ट पर भी हस्ताक्षर करेंगे। यह समझौता भारत की अब तक की सबसे बड़ी डील होगी, जिसमें २७ देशों के यूरोपीय यूनियन के साथ सामान और सेवाएं शामिल होंगी, जो भारत के सबसे बड़े एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन में से एक है।