क्या पीएम मोदी के नेतृत्व से प्रभावित हुए माल्टा के हाई कमिश्नर?
सारांश
Key Takeaways
- पीएम मोदी का नेतृत्व प्रशंसनीय है।
- माल्टा के हाई कमिश्नर ने शांति का माहौल बनाने की सराहना की।
- ईयू-भारत एफटीए महत्वपूर्ण आर्थिक अवसर प्रदान करेगा।
- भारत में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता है।
- बड़े देशों के नेताओं की प्रशंसा आवश्यक है।
नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में माल्टा के हाई कमिश्नर रूबेन गौसी ने शनिवार को ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पर राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत की। इस अवसर पर उन्होंने भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एक शांत और संगठित व्यक्तित्व के धनी हैं।
राष्ट्र प्रेस के साथ अपनी विशेष बातचीत में, माल्टा के हाई कमिश्नर रूबेन गौसी ने कहा, "जब मैं पांच साल पहले भारत आया था, तब पीएम मोदी पहले से ही प्रधानमंत्री थे। मैं हमेशा उनके नेतृत्व से बहुत प्रभावित रहा हूं। वह एक ऐसे नेता हैं जो शांति का माहौल बनाते हैं; वह एक संयमित और धैर्यवान नेता हैं।"
गौसी ने कहा, "बड़े देशों के नेताओं की प्रशंसा की जानी चाहिए। भारत सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश है, और यदि आप नेता हैं, तो आप लोगों के नेता हैं। इतने बड़े देश का नेतृत्व करना चुनौतीपूर्ण है, और वह इसे बखूबी निभा रहे हैं। यदि इस समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं, तो यह उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।"
एफटीए के लाभों पर चर्चा करते हुए, गौसी ने कहा, "यह बातचीत चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है, क्योंकि यह ईयू और भारत के बीच है। इसमें कई आर्थिक गतिविधियां और निवेश शामिल हैं।"
उन्होंने कहा, "एफटीए हमें एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां हम भारत के साथ सभी क्षेत्रों में बेहतर व्यापार कर सकें।"
उन्होंने यह भी कहा, "मैं चाहता हूं कि भविष्य में व्यापार और निवेश में कोई कमी न हो।" माल्टा में 114 भारतीय कंपनियां कार्यरत हैं, परंतु भारत में माल्टा का निवेश कम है। मुझे उम्मीद है कि इस एफटीए के जरिए, हम भारत में और अधिक निवेश कर सकेंगे।"