पोखरा में स्कूल बस खाई में गिरी, 5 की मौत; कालिका बोर्डिंग स्कूल के छात्र थे सवार
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के पोखरा शहर के निकट 9 अक्टूबर 2026 को सुबह एक स्कूल बस सड़क से फिसलकर खाई में जा गिरी, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई। कास्की जिला पुलिस कार्यालय के प्रमुख पुलिस अधीक्षक नवीन कार्की ने मौतों की पुष्टि की। यह बस कालिका इंग्लिश बोर्डिंग स्कूल की थी और हादसे के समय उसमें 17 छात्र, एक अन्य यात्री और चालक सवार थे।
हादसे का विवरण
दुर्घटना सुबह करीब 6:20 बजे कास्की जिले की पोखरा महानगरपालिका के वार्ड नंबर 28 स्थित ओखलेको भीर इलाके में हुई। बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरी। दुर्घटना के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और जाँच जारी है।
कास्की के मुख्य जिला अधिकारी कुमान सिंह गुरुंग ने बताया कि बस में ज़्यादातर 10वीं कक्षा के छात्र सवार थे, जो ट्यूशन क्लास में जाने के लिए यात्रा कर रहे थे। सुबह के शुरुआती घंटों में हुए इस हादसे ने पूरे इलाके में सदमे की लहर फैला दी।
नेपाल में बढ़ते सड़क हादसे
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में नेपाल में 7,669 सड़क हादसे हुए, जिनमें 1,900 लोगों की जान गई। इनमें से 278 दुर्घटनाओं को गंभीर श्रेणी में रखा गया।
गौरतलब है कि करीब एक दशक पहले नेपाल ट्रैफिक पुलिस ने 4,999 सड़क दुर्घटनाएँ दर्ज की थीं — यानी बीते दस वर्षों में यह संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है। सड़कों पर वाहनों की बढ़ती संख्या इसका एक प्रमुख कारण माना जाता है।
आर्थिक और सामाजिक नुकसान
विश्व बैंक के एक अध्ययन के अनुसार, नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली चोटों की आर्थिक लागत 2007 के बाद से तीन गुना बढ़ चुकी है और यह देश की सकल राष्ट्रीय आय (GNP) के 1.5 प्रतिशत के बराबर पहुँच गई है। विश्व बैंक के आँकड़ों के अनुसार, नेपाल में सड़क हादसों में होने वाली 70 प्रतिशत से अधिक मौतें पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और मोटरसाइकिल सवारों की होती हैं।
आलोचकों का कहना है कि सड़क सुरक्षा का सबसे अधिक बोझ गरीब और कमज़ोर वर्गों पर पड़ता है, जिनके पास सुरक्षित परिवहन के विकल्प सीमित हैं।
सरकार की कोशिश: रोड सेफ्टी बिल
बढ़ते हादसों की पृष्ठभूमि में नेपाल सरकार ने प्रतिनिधि सभा में 'रोड सेफ्टी बिल' पेश किया है। इस विधेयक में सड़क सुरक्षा के लिए संस्थागत व्यवस्था, प्रांतीय और स्थानीय समन्वय समितियाँ, सुरक्षित सड़क ढाँचा, वाहनों की सुरक्षा मानक, गति नियंत्रण, दुर्घटना के बाद बचाव एवं उपचार, और बीमा-मुआवज़े जैसे प्रावधान शामिल हैं।
विधेयक का उद्देश्य सड़क सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और दुर्घटनाओं से होने वाले मानवीय एवं आर्थिक नुकसान को कम करना है। पोखरा जैसी दुर्घटनाएँ इस विधेयक को शीघ्र पारित कराने की माँग को और बल दे सकती हैं।