क्या उत्तर कोरिया ने जापान की ओर मिसाइलें दागी? टोक्यो का कड़ा विरोध

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क्या उत्तर कोरिया ने जापान की ओर मिसाइलें दागी? टोक्यो का कड़ा विरोध

सारांश

उत्तर कोरिया की ओर से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों ने जापान में एक बार फिर चिंता का माहौल बना दिया है। टोक्यो ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज करते हुए सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। जानिए इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी और इसके निहितार्थ।

मुख्य बातें

उत्तर कोरिया की ओर से दागी गई मिसाइलें जापान सागर की दिशा में गईं।
जापान ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।
प्रधानमंत्री ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यूएस फोर्सेज ने सहयोगियों के साथ समन्वय की पुष्टि की है।
किम जोंग-उन ने मिसाइल विकास पर जोर दिया है।

टोक्यो, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जापान ने मंगलवार को उत्तर कोरिया द्वारा दो बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के बाद कड़ा विरोध दर्ज कराया है। जापानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये मिसाइलें जापान सागर (सी ऑफ जापान) की दिशा में छोड़ी गईं।

जापान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मिसाइलों में से एक करीब 80 किलोमीटर की ऊंचाई तक गई और लगभग 350 किलोमीटर तक उड़ान भरी। समाचार एजेंसी क्योदो न्यूज के अनुसार, दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि इन मिसाइलों को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के उत्तरी क्षेत्र से स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:50 बजे लॉन्च किया गया।

जापानी सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरी प्रतीत होती हैं। इस घटना के बाद जापान ने उत्तर कोरिया की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।

जापान की प्रधानमंत्री साने तकाइची ने संबंधित सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी जानकारी एकत्र करें और यह सुनिश्चित करें कि समुद्री जहाजों और विमानों की सुरक्षा पर कोई असर न पड़े। फिलहाल मिसाइल प्रक्षेपण से किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।

इस बीच, यूएस फोर्सेज कोरिया ने अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यूएस फोर्सेज कोरिया ने कहा, “हम मिसाइल लॉन्च की जानकारी से अवगत हैं और अपने सहयोगियों एवं साझेदारों के साथ करीबी समन्वय में हैं।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा आकलन के अनुसार यह घटना अमेरिका, उसके सैन्य कर्मियों या सहयोगी देशों के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं है।

गौरतलब है कि दिसंबर में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने लंबी दूरी की रणनीतिक क्रूज मिसाइलों के परीक्षणों की निगरानी की थी और परमाणु बलों के “असीमित और निरंतर” विकास का आह्वान किया था। ये परीक्षण उस समय हुए थे, जब किम ने 8,700 टन वजनी “परमाणु-संचालित रणनीतिक गाइडेड मिसाइल पनडुब्बी” के निर्माण का निरीक्षण किया था।

योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हालिया मिसाइल अभ्यास येलो सी में किए गए, जिनका उद्देश्य उत्तर कोरिया की रणनीतिक जवाबी हमले की क्षमता की “पूर्ण विश्वसनीयता और युद्ध तत्परता” को प्रदर्शित करना था। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के अनुसार, इन रणनीतिक क्रूज मिसाइलों ने पूर्व निर्धारित उड़ान पथ पर क्रमशः 10,199 सेकंड और 10,203 सेकंड तक उड़ान भरकर अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक साधा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि वैश्विक शांति को भी बाधित कर सकता है। सरकार को इस स्थिति का गंभीरता से सामना करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर कोरिया ने मिसाइलें क्यों दागी?
उत्तर कोरिया का यह कदम अपनी रणनीतिक क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए है।
जापान ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
जापान ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए हैं।
क्या इस घटना से किसी को नुकसान हुआ?
फिलहाल, मिसाइल प्रक्षेपण से किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।
यूएस फोर्सेज की क्या प्रतिक्रिया है?
यूएस फोर्सेज ने सहयोगियों के साथ करीबी समन्वय में रहने की बात कही है।
क्या यह घटना वैश्विक सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है?
हां, यह घटना क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।
राष्ट्र प्रेस