क्या पाकिस्तान में एनसीसीआईए अधिकारियों पर रिश्वत और उगाही का केस दर्ज हुआ?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पाकिस्तान में एनसीसीआईए अधिकारियों पर रिश्वत और उगाही का केस दर्ज हुआ?

सारांश

पाकिस्तान में एनसीसीआईए के अधिकारियों पर रिश्वत और उगाही के गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला एफआईए द्वारा दर्ज किया गया है, जिसमें आरोपित अधिकारियों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी में संलिप्त संदिग्धों से बड़ी रकम वसूली। क्या न्याय मिलेगा?

मुख्य बातें

पाकिस्तान में भ्रष्टाचार का मामला गंभीर है।
एफआईए ने उचित कार्रवाई की है।
आम जनता की सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए।
सभी आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) की कंपोजिट सर्किल ने नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनसीसीआईए) गुजरांवाला के तीन अधिकारियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, उगाही और पद के दुरुपयोग के आरोप में मामला दर्ज किया है।

इस घोटाले के सामने आने के बाद आरोपित अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, एनसीसीआईए के अधिकारियों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी मामलों में शामिल संदिग्धों को करोड़ों रुपये की रिश्वत लेकर रिहा किया था। यह जानकारी पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में सामने आई है।

खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट और एक नागरिक की शिकायत के बाद एफआईए ने कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की। एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता मुजम्मिल इकबाल, जो गार्डन टाउन, गुजरांवाला का निवासी है, ने बताया कि उसे एफआईए साइबर क्राइम विंग के कुछ अधिकारियों द्वारा निजी सहयोगियों की मदद से आरोपितों से भारी रकम वसूले जाने की जानकारी मिली थी।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 2 फरवरी को कुछ अज्ञात लोग एफआईए अधिकारी बनकर मुजम्मिल इकबाल के घर में घुसे, परिवार के सदस्यों को बंधक बनाया, मोबाइल फोन जब्त किए और परिवार के पुरुष सदस्यों को प्रताड़ित किया। इसके बाद उनकी आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, 15 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक कार, नकदी और एटीएम कार्ड जब्त किए गए। परिवार से एफआईए साइबर क्राइम कार्यालय में ऑनलाइन कारोबार और क्रिप्टोकरेंसी को लेकर पूछताछ की गई। पीड़ितों से नकद, क्रिप्टोकरेंसी और बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए बड़ी रकम वसूल की गई और कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए आगे भी पैसे की मांग की गई।

हालांकि बाद में कुछ सामान लौटा दिया गया, लेकिन नकदी और एक मोबाइल फोन वापस नहीं किया गया।

एक अन्य पीड़ित सलमान रजा ने भी आरोप लगाया कि उसके परिवार का अपहरण किया गया, उन्हें प्रताड़ित किया गया और 5 करोड़ रुपये की मांग की गई।

मुजम्मिल इकबाल ने दावा किया कि एफआईए कर्मियों की मध्यस्थता के बाद 3 करोड़ रुपये में ‘डील’ तय हुई, जिसमें से 30 लाख रुपये नकद और करीब 15 लाख रुपये बैंक और एटीएम ट्रांजैक्शन के जरिए अदा किए गए, जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीसीआईए के अधिकारियों पर क्या आरोप हैं?
एनसीसीआईए के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, उगाही और पद के दुरुपयोग के आरोप हैं।
एफआईए ने कार्रवाई कब की?
एफआईए ने शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए 2 फरवरी को FIR दर्ज की।
क्या शिकायतकर्ता का परिवार अपहरण का शिकार हुआ?
जी हां, शिकायतकर्ता मुजम्मिल इकबाल के परिवार का अपहरण हुआ और उन्हें प्रताड़ित किया गया।
राष्ट्र प्रेस