क्या प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ शिखर सम्मेलन में मालदीव और मिस्र के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की?

सारांश
Key Takeaways
- एससीओ शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के साथ बातचीत हुई।
- भारत-मालदीव संबंधों को और मजबूत करने पर बल दिया गया।
- मिस्र के साथ मैत्री संबंधों की प्रगति पर चर्चा की गई।
- बेलारूस और ताजिकिस्तान के नेताओं से भी महत्वपूर्ण विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
- नेपाल के साथ संबंधों को विशेष बताया गया।
तियानजिन, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान मालदीव और मिस्र समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की। इसकी जानकारी पीएम मोदी ने खुद साझा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से बातचीत की। मालदीव के साथ भारत का विकास सहयोग हमारे लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
उन्होंने अन्य पोस्ट में कहा कि एससीओ शिखर सम्मेलन में मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफा मदबौली से मुलाकात हुई। कुछ साल पहले की अपनी मिस्र यात्रा को याद किया। भारत-मिस्र मैत्री प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको से मिलकर खुशी हुई। जहां तक हमारे देशों का सवाल है, हम दोनों ही भविष्य में मिलने वाले लाभकारी अवसरों को लेकर बहुत आशावादी हैं।
उन्होंने कहा कि ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन के साथ बातचीत करना हमेशा खुशी की बात होती है। भारत के व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध बढ़ रहे हैं और यह एक अद्भुत संकेत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अन्य पोस्ट में जानकारी दी कि तियानजिन में नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। नेपाल के साथ भारत के संबंध बहुत गहरे और विशेष हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायव के साथ विचारों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ। हमारे देश ऊर्जा, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और फार्मा सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 50 मिनट तक बातचीत हुई। द्विपक्षीय वार्ता में कैलाश मानसरोवर यात्रा, सीमा समझौते और दोनों देशों के बेहतर होते रिश्ते पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने व्यावसायिक संबंधों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।