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ट्रंप का एशिया दौरा: किम जोंग-उन से मुलाकात संभव, आसियान और एपेक में भी होंगे शामिल

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ट्रंप का एशिया दौरा: किम जोंग-उन से मुलाकात संभव, आसियान और एपेक में भी होंगे शामिल

सारांश

ट्रंप ने संकेत दिया है कि एशिया दौरे पर किम जोंग-उन से मुलाकात हो सकती है — शेनझेन एपेक संभावित स्थल। यह 2019 के बाद पहली संभावित अमेरिका-उत्तर कोरिया शिखर बैठक होगी, जबकि प्योंगयांग का परमाणु कार्यक्रम बदस्तूर जारी है।

मुख्य बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एशिया दौरे के दौरान किम जोंग-उन से मुलाकात की संभावना जताई, लेकिन जगह और तारीख नहीं बताई।
ट्रंप 16 नवंबर को मनीला में आसियान शिखर सम्मेलन और 17-19 नवंबर को शेनझेन में एपेक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
शेनझेन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ट्रंप की इस साल तीसरी मुलाकात होने की उम्मीद है।
न वॉशिंगटन और न प्योंगयांग ने अब तक किसी ट्रंप-किम बैठक की आधिकारिक पुष्टि की है।
ट्रंप अपने पहले कार्यकाल में किम से तीन बार मिल चुके हैं — सिंगापुर (2018) , हनोई (2019) , और पनमुनजोम (2019) ; तब से वार्ता ठप है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगले महीने एशिया दौरे के दौरान उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन से उनकी मुलाकात हो सकती है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, 'हां, हो सकता है' — हालांकि उन्होंने बैठक की संभावित जगह या तारीख का कोई ब्यौरा नहीं दिया।

एशिया दौरे का कार्यक्रम

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप 16 नवंबर को फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित आसियान शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके बाद वे चीन के शेनझेन रवाना होंगे, जहाँ 17 से 19 नवंबर के बीच एपेक (APEC) शिखर सम्मेलन होगा। शेनझेन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ट्रंप की इस वर्ष तीसरी मुलाकात होने की संभावना है।

किम से बैठक की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप अगस्त 2026 में ही पत्रकारों से कह चुके थे कि वे इसी साल किम जोंग-उन से मिलने की उम्मीद रखते हैं। जब उनसे पूछा गया था कि क्या वे 2026 में किम से मिलेंगे, तो उन्होंने कहा था, 'हां, बिल्कुल मिलूंगा।' वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अगस्त में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया था कि ट्रंप ने अपने सहयोगियों से जल्द से जल्द, संभवतः इसी शरद ऋतु में, किम के साथ बैठक की व्यवस्था करने को कहा था — और शेनझेन एपेक को संभावित स्थल के तौर पर बताया गया था।

गौरतलब है कि अब तक न वॉशिंगटन और न ही प्योंगयांग की ओर से किसी संभावित बैठक की आधिकारिक पुष्टि की गई है।

ट्रंप-किम के पिछले तीन शिखर सम्मेलन

ट्रंप अपने पहले कार्यकाल में किम जोंग-उन से तीन बार मिल चुके हैं। जून 2018 में सिंगापुर में हुई ऐतिहासिक बैठक में ट्रंप उत्तर कोरिया के किसी नेता से मिलने वाले पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बने थे। दोनों नेताओं ने कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई थी।

फरवरी 2019 में वियतनाम की राजधानी हनोई में हुई दूसरी शिखर वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। इसके बाद जून 2019 में ट्रंप ने पनमुनजोम स्थित असैन्य क्षेत्र (DMZ) में उत्तर कोरिया की धरती पर कदम रखा — ऐसा करने वाले वे पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बने। उसके बाद से बातचीत ठप पड़ गई और उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु व मिसाइल कार्यक्रमों का विस्तार जारी रखा।

कूटनीतिक संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बना हुआ है और अमेरिका-उत्तर कोरिया वार्ता वर्षों से रुकी हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, एपेक जैसे बहुपक्षीय मंच पर ऐसी बैठक कूटनीतिक रूप से जटिल होगी, क्योंकि इसमें चीन की भूमिका और क्षेत्रीय सहयोगियों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। आगामी हफ्तों में दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे की बातचीत पर नज़र रखना अहम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

हो सकता है' वाला जवाब सुनने में सहज लगता है, लेकिन असल कूटनीतिक दांव जटिल है — 2019 के हनोई शिखर सम्मेलन की विफलता के बाद से उत्तर कोरिया का परमाणु शस्त्रागार कहीं अधिक मज़बूत हो चुका है। एपेक जैसे बहुपक्षीय मंच पर किम से मिलना चीन के सामने एक अजीब संदेश भेजेगा, जिसका प्योंगयांग पर सबसे अधिक प्रभाव है। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को नज़रअंदाज़ करती है कि बिना ठोस परमाणु-निरस्त्रीकरण एजेंडे के, ऐसी बैठक उत्तर कोरिया को वैधता तो देती है, लेकिन जमीनी बदलाव की उम्मीद कम ही है।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप किम जोंग-उन से कहाँ मिल सकते हैं?
अभी तक कोई आधिकारिक स्थान तय नहीं हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार शेनझेन में होने वाला एपेक सम्मेलन एक संभावित स्थल है, लेकिन न वॉशिंगटन और न प्योंगयांग ने इसकी पुष्टि की है।
ट्रंप के एशिया दौरे में क्या-क्या शामिल है?
ट्रंप 16 नवंबर को मनीला में आसियान शिखर सम्मेलन और 17 से 19 नवंबर को शेनझेन में एपेक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। शेनझेन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी इस साल तीसरी मुलाकात भी होने की उम्मीद है।
ट्रंप और किम जोंग-उन पहले कब-कब मिले हैं?
ट्रंप अपने पहले कार्यकाल में किम से तीन बार मिले — जून 2018 में सिंगापुर में, फरवरी 2019 में हनोई में (जो बिना समझौते के खत्म हुई), और जून 2019 में पनमुनजोम के DMZ में। उसके बाद से वार्ता ठप है और उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम का विस्तार जारी रखा।
क्या ट्रंप-किम बैठक की कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है?
नहीं। अब तक न अमेरिका और न उत्तर कोरिया ने किसी संभावित बैठक की आधिकारिक घोषणा की है। ट्रंप का बयान एक संभावना के रूप में था, न कि पक्की योजना के तौर पर।
ट्रंप-किम वार्ता का उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर क्या असर हुआ?
2019 की हनोई वार्ता के विफल होने के बाद से बातचीत रुकी हुई है और उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु व मिसाइल कार्यक्रमों का विस्तार जारी रखा है। सिंगापुर में कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु-मुक्त करने की सहमति बनी थी, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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