क्या ट्रंप ने ईरान के खिलाफ 'बहुत कड़े' कदम उठाने की चेतावनी दी?
सारांश
Key Takeaways
- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की स्थिति को गंभीरता से लिया है।
- अमेरिकी सेना ने घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखी है।
- प्रदर्शनकारियों की मौत से संबंधित स्थिति गंभीर है।
- ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है।
- अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों से बातचीत की है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।
वाशिंगटन, १२ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में चल रही घटनाओं के मद्देनजर अमेरिका कड़े कदम उठाने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट्स में सामने आया है कि वहां आम नागरिकों की मौत हो सकती है, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने हालात की गहराई से समीक्षा शुरू कर दी है।
रविवार को फ्लोरिडा से व्हाइट हाउस लौटते समय एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि जो हालात सामने आ रहे हैं, उनसे प्रतीत होता है कि कुछ ऐसे लोग मारे गए हैं, जिन्हें मारा नहीं जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि वहां के शासन ने सत्ता में रहते हुए हिंसा का सहारा लिया है।
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिकी सेना सभी घटनाक्रमों पर करीबी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा, "हम इसे बहुत गंभीरता से देख रहे हैं। सेना इसे देख रही है, और हम कुछ बहुत मजबूत विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि वे इस पर जल्द ही फैसला करेंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान ने कोई रेड लाइन पार कर ली है, तो ट्रंप ने किसी भी सैन्य योजना का खुलासा करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वे यह नहीं बताएंगे कि हमला कहां, कब और किस प्रकार किया जाएगा।
राष्ट्रपति ने बताया कि उन्हें ईरान की स्थिति पर लगातार जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हर घंटे रिपोर्ट प्राप्त हो रही है और इन्हीं जानकारियों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों की मौत को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि कुछ मौतें भगदड़ के कारण हुई हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ बहुत अधिक थी और कुछ लोगों को गोली भी लगी।
ईरान या उसके सहयोगियों की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका पर ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो अमेरिका ऐसा जवाब देगा, जैसा पहले कभी नहीं दिया गया। ईरान इसकी कल्पना भी नहीं कर पाएगा।
ट्रंप ने कहा कि ईरान को अमेरिका की इरादों को समझ लेना चाहिए। उन्होंने पिछले घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों में कई बड़े खतरों को खत्म किया गया है और अमेरिका अपनी चेतावनी को गंभीरता से लागू करता है।
हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस मामले में अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों से कोई बातचीत की है या नहीं। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि अंतिम फैसला कब तक लिया जाएगा।
गौरतलब है कि ईरान में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार अशांति देखी जा रही है। देश के कई शहरों में हजारों लोग मौजूदा शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।