टाइफून 'चांपी' ने पकड़ी रफ्तार: 140 किमी/घंटा की हवा, गुआम-मारियाना द्वीपों पर तबाही का खतरा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिमी प्रशांत महासागर में सक्रिय उष्णकटिबंधीय तूफान 'चांपी' तेज होकर पूर्ण टाइफून में तब्दील हो गया है। फिलीपींस की मौसम एजेंसी पीएजीएएसए (PAGASA) ने 17 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि यह तूफान अभी फिलीपींस एरिया ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी (PAR) के बाहर है और तेज़ी से गुआम तथा मारियाना द्वीप समूह की ओर बढ़ रहा है, जहाँ भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है।
तूफान की वर्तमान स्थिति और तीव्रता
पीएजीएएसए के अनुसार, 17 अक्टूबर को सुबह 3 बजे तक टाइफून चांपी पूर्वी विसायस से लगभग 2,675 किलोमीटर पूर्व में स्थित था। तूफान के केंद्र के पास अधिकतम निरंतर हवा की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 170 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई। यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था।
उष्णकटिबंधीय चक्रवात जब और अधिक शक्तिशाली हो जाता है तो उसे पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में 'टाइफून' कहा जाता है। इस श्रेणी के तूफान तेज हवाओं और समुद्र में ऊँची लहरों के कारण तटीय क्षेत्रों में गंभीर नुकसान पहुँचा सकते हैं।
PAR में प्रवेश और स्थानीय नाम 'रोसल'
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, चांपी मंगलवार को एक 'सुपर टाइफून' के रूप में फिलीपीन एरिया ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी में प्रवेश कर सकता है, जिसके बाद इसे स्थानीय नाम 'रोसल' दिया जाएगा। अनुमान है कि यह तूफान फिलीपीन सागर के ऊपर उत्तर-पश्चिम दिशा में ताइवान की ओर बढ़ेगा।
गौरतलब है कि फिलीपींस के मुख्य भूभाग से इसके सीधे टकराने की संभावना अभी कम बताई जा रही है। हालाँकि, अगले सप्ताह के अंत में इसका असर देश के पूर्वी हिस्सों, विशेष रूप से उत्तरी लूजोन पर, पड़ सकता है।
अन्य सक्रिय मौसम प्रणालियाँ
पीएजीएएसए ने बताया कि चांपी के अलावा, मौसम विभाग फिलीपींस के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित करने वाली तीन अन्य मौसम प्रणालियों — इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ), उत्तर-पूर्वी हवा प्रवाह और पूर्वी हवाओं — की भी निगरानी कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में मॉनसून के बाद का तूफान सत्र अपने चरम पर है।
क्षेत्रीय प्रभाव और आगे की राह
गुआम और मारियाना द्वीप समूह अमेरिकी क्षेत्र हैं और इन पर तूफान का सीधा असर पड़ने की आशंका है। फिलीपींस में इतिहास यह रहा है कि PAR में प्रवेश करने वाले सुपर टाइफून कभी-कभी अपना रास्ता बदल लेते हैं, इसलिए पीएजीएएसए लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है। आने वाले दिनों में इसके प्रक्षेपवक्र पर स्थानीय अधिकारियों और अंतर्राष्ट्रीय मौसम संस्थाओं की नज़र बनी रहेगी।