क्या 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ से भारत की ताकत का प्रदर्शन हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- भारत ने 77वां गणतंत्र दिवस नई सैन्य ताकत के साथ मनाया।
- सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत प्रदर्शन किया गया।
- प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की।
- यूरोपीय नेताओं की उपस्थिति भारत और यूरोप के बीच बढ़ती साझेदारी को दर्शाती है।
- यह आयोजन हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर गर्व महसूस कराता है।
नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 77वें गणतंत्र दिवस की भव्य परेड के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्तव्य पथ से जुड़े अनेक अद्भुत और गौरवपूर्ण क्षणों को साझा किया। उन्होंने कहा कि इस शानदार आयोजन ने भारत की लोकतांत्रिक शक्ति, राष्ट्रीय गर्व और एकता को विश्व के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया। इस वर्ष का गणतंत्र दिवस उत्साह, आत्मविश्वास और नए भारत की झलक से भरा हुआ था।
भारत ने अपना 77वां गणतंत्र दिवस नई सैन्य ताकत और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं के प्रभावशाली प्रदर्शन के साथ मनाया। परेड में भारतीय सेना ने ‘बैटल एरे’ फॉर्मेट में आधुनिक युद्ध तैयारियों को प्रदर्शित किया, जिसमें युद्ध के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीतियों और ऑपरेशन्स की एक झलक देखने को मिली।
यह प्रदर्शन न केवल तकनीकी रूप से उन्नत था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि देश अपनी सुरक्षा को लेकर कितना सतर्क और सक्षम है।
कर्तव्य पथ पर आयोजित इस ऐतिहासिक परेड में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न राज्यों की झांकियों ने भी सभी का मन मोह लिया। विभिन्न राज्यों की झांकियों में भारत की विविध संस्कृति, परंपराएं और लोककलाएं जीवंत रूप से प्रस्तुत की गई। नृत्य, संगीत और रंग-बिरंगे परिधानों ने यह साबित कर दिया कि विविधता में एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि भारत ने गणतंत्र दिवस को बड़े जोश और गर्व के साथ मनाया। कर्तव्य पथ पर हुई परेड ने हमारी लोकतांत्रिक मजबूती, समृद्ध विरासत और राष्ट्रीय एकता को बेहद सुंदर तरीके से दर्शाया। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय गौरव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि इस अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की उपस्थिति भारत के लिए सम्मान की बात है। उनकी उपस्थिति भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ती साझेदारी और साझा मूल्यों को दर्शाती है। यह दौरा भारत और यूरोप के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने में सहायक होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन देश की तैयारियों, तकनीकी क्षमताओं और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारी सेनाएं वास्तव में देश का गौरव हैं। उन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तारीफ करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस परेड ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को बेहद जीवंत और रंगीन तरीके से प्रस्तुत किया।