क्या चुनाव आयोग स्पष्ट करेगा अवैध बांग्लादेशी या रोहिंग्या घुसपैठियों की संख्या मतदाता सूची में?: अभिषेक बनर्जी

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क्या चुनाव आयोग स्पष्ट करेगा अवैध बांग्लादेशी या रोहिंग्या घुसपैठियों की संख्या मतदाता सूची में?: अभिषेक बनर्जी

सारांश

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की संख्या स्पष्ट करे। यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 58.20 लाख मतदाताओं से जुड़ा है। क्या चुनाव आयोग इस पर कोई स्पष्टीकरण देगा?

Key Takeaways

  • चुनाव आयोग को अवैध प्रवासियों की संख्या स्पष्ट करनी चाहिए।
  • पश्चिम बंगाल में पुनरीक्षण प्रक्रिया के कारण लोगों की मृत्यु हुई है।
  • राजनीतिक जिम्मेदारी का निर्वहन आवश्यक है।
  • बंगाली प्रवासी श्रमिकों के मामलों में सरकार की संवेदनशीलता की कमी है।
  • भाजपा और तृणमूल के बीच की राजनीति में यह मामला महत्वपूर्ण है।

कोलकाता, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की कार्यशैली पर प्रश्न उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग से पश्चिम बंगाल की मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 58.20 लाख मतदाताओं में अवैध बांग्लादेशी या रोहिंग्या घुसपैठियों की सटीक संख्या स्पष्ट करने की मांग की। यह सूची पिछले वर्ष 16 दिसंबर को जारी की गई थी।

भाजपा पश्चिम बंगाल में कोई चुनावी लाभ प्राप्त करने में असफल है। इसलिए वे चुनाव आयोग के माध्यम से राज्य की जनता को परेशान कर रहे हैं। मैं जानना चाहता हूं कि उन मतदाताओं की सूची में अवैध बांग्लादेशी या रोहिंग्या घुसपैठियों की सही संख्या क्या है, जिन्हें पहले ही हटा दिया गया है,” बनर्जी ने दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालुरघाट में संवाददाताओं से कहा।

उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दबाव और आतंक के कारण पश्चिम बंगाल में बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) सहित 65 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जब से यह प्रक्रिया पिछले वर्ष नवंबर में शुरू हुई थी।

अभिषेक बनर्जी ने प्रश्न किया, “इन दुर्भाग्यपूर्ण मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है? पश्चिम बंगाल की जनता का यह आक्रोश क्यों है?”

उन्होंने भाजपा के लोकसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार पर आरोप लगाया कि उन्होंने हाल ही में महाराष्ट्र में गिरफ्तार किए गए और परेशान किए गए क्षेत्र के दो प्रवासी श्रमिकों की जिम्मेदारी नहीं ली।

उन्होंने कहा, “राजनीति का उद्देश्य जनता के कल्याण के लिए होना चाहिए। क्या मजूमदार को उन लोगों के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं है जिन्होंने उन्हें लोकसभा के लिए चुना है? लोग उनके निर्वाचन क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को जानना चाहते हैं। मैं उन्हें इस मामले में एक रिपोर्ट कार्ड जारी करने की चुनौती देता हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में दो स्थानीय प्रवासी श्रमिकों को केवल इसलिए गिरफ्तार किया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया क्योंकि वे बंगाली भाषी थे।

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव ने कहा, “मजूमदार भी बंगाली भाषी हैं। इसलिए इस तर्क के अनुसार, वे भी बांग्लादेशी हो सकते हैं।”

Point of View

दोनों ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण हैं। यह आवश्यक है कि सभी पक्ष इस मामले को गंभीरता से लें और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करें।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग से क्या मांग की?
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग से पश्चिम बंगाल की मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 58.20 लाख मतदाताओं में अवैध बांग्लादेशी या रोहिंग्या घुसपैठियों की संख्या स्पष्ट करने की मांग की है।
कितने लोगों की मृत्यु हुई है पुनरीक्षण प्रक्रिया के कारण?
पुनरीक्षण प्रक्रिया के कारण 65 लोगों की मृत्यु हुई है।
सुकांत मजूमदार पर अभिषेक बनर्जी ने क्या आरोप लगाया?
उन्होंने सुकांत मजूमदार पर हाल ही में महाराष्ट्र में गिरफ्तार किए गए प्रवासी श्रमिकों की जिम्मेदारी न लेने का आरोप लगाया।
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