क्या एआईएडीएमके में तनाव है? पूर्व मंत्री केए सेंगोट्टैयन सभी पदों से हटाए गए

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क्या एआईएडीएमके में तनाव है? पूर्व मंत्री केए सेंगोट्टैयन सभी पदों से हटाए गए

सारांश

क्या एआईएडीएमके में तनाव बढ़ रहा है? पूर्व मंत्री केए सेंगोट्टैयन को उनकी सभी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया है, जिससे पार्टी में असंतोष की संभावना बढ़ गई है। क्या यह पार्टी के भविष्य के लिए एक बड़ा संकेत है?

मुख्य बातें

सेंगोट्टैयन को सभी पदों से हटाया गया है।
पार्टी में असंतोष की संभावना बढ़ गई है।
पलानीस्वामी ने 10 दिनों की समय सीमा दी थी।
यह घटनाक्रम अन्नाद्रमुक के भविष्य पर प्रभाव डाल सकता है।

चेन्नई, 6 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री केए सेंगोट्टैयन को उनके सभी पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। सेंगोट्टैयन अब न तो संगठन सचिव रहेंगे और न ही ईरोड वेस्ट जिला सचिव का पद संभालेंगे।

यह निर्णय शनिवार सुबह डिंडीगुल के एक होटल में एआईएडीएमके महासचिव पलानीस्वामी और सात वरिष्ठ पार्टी नेताओं तथा पूर्व मंत्रियों के बीच एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक के बाद लिया गया। पूर्व मंत्रियों में डिंडीगुल श्रीनिवासन, नाथम विश्वनाथन, के.पी. मुनुसामी, एस.पी. वेलुमणि, कामराज, ओ.एस. मनिअन और विजयभास्कर शामिल थे।

पार्टी के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के एरोड सबअर्बन वेस्ट जिले में: विधायक केए सेंगोट्टैयन, जो एरोड सबअर्बन वेस्ट जिले के जिला संगठन सचिव और जिला सचिव के पद पर थे, उन्हें आज से इन जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाता है।"

यह कार्रवाई उस समय हुई है जब सेंगोट्टैयन ने हाल ही में पलानीस्वामी को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि पार्टी से निकाले गए या छोड़कर गए वरिष्ठ नेताओं को फिर से शामिल किया जाए। उन्होंने पलानीस्वामी को 10 दिनों की समय सीमा दी थी और चेतावनी दी थी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी में असंतोष बढ़ सकता है।

पद से हटाए जाने के बाद सेंगोट्टैयन ने हाईकमान के फैसले पर कहा कि मैंने अपनी राय केवल अन्नाद्रमुक की सत्ता वापसी को ध्यान में रखते हुए रखी थी। मेरे प्रयासों के बावजूद मुझे पदों से हटा दिया गया, जिसे मैं स्वीकार करता हूं। इस फैसले से मैं निराश नहीं हूं, बल्कि प्रसन्न हूं।

इस घटनाक्रम ने अन्नाद्रमुक के भीतर गुटबाजी की अटकलों को और हवा दे दी है। माना जा रहा है कि पार्टी से निकाले गए या छोड़कर गए नेताओं की वापसी को लेकर पार्टी में खींचतान बढ़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक स्थिरता के लिए एक चुनौती बन सकती हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केए सेंगोट्टैयन को क्यों हटाया गया?
उन्हें पार्टी के महासचिव के द्वारा सभी पदों से तत्काल प्रभाव से हटाया गया है, जो हाल की घटनाओं और पार्टी में असंतोष के कारण हुआ।
क्या इस निर्णय का पार्टी पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
हां, यह निर्णय एआईएडीएमके में तनाव को बढ़ा सकता है और पार्टी के भीतर गुटबाजी की अटकलों को और हवा दे सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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