क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अजित पवार के आकस्मिक निधन को पीड़ादायक बताया और महबूबा मुफ्ती ने भी शोक व्यक्त किया?

Click to start listening
क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अजित पवार के आकस्मिक निधन को पीड़ादायक बताया और महबूबा मुफ्ती ने भी शोक व्यक्त किया?

सारांश

अजित पवार के आकस्मिक निधन ने राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ा दी है। गृह मंत्री अमित शाह और महबूबा मुफ्ती ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। जानिए इस दुखद समाचार के पीछे की पूरी कहानी और प्रतिक्रिया।

Key Takeaways

  • अजित पवार का निधन एक प्रमुख राजनीतिक घटना है।
  • राजनीतिक शोक की लहर पूरे देश में फैल गई है।
  • नेताओं की संवेदनाएं पवार परिवार के साथ हैं।
  • महाराष्ट्र के विकास में उनका योगदान अपूरणीय है।
  • इस घटना ने जीवन की अनिश्चितता को उजागर किया है।

नई दिल्ली, 28 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया है। जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में अजित पवार के साथ चार अन्य लोग भी थे, जिनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

इस दुखद घटना पर राजनीति से जुड़े लोग स्तब्ध हैं और इसे राजनीति के लिए एक बड़ा झटका मान रहे हैं।

गृहमंत्री अमित शाह और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इसे हृदयविदारक बताया है। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, "आज एक दुःखद हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनडीए के हमारे वरिष्ठ साथी अजित पवार जी को खोने की सूचना से मन अत्यंत व्यथित है। अजित पवार ने बीते साढ़े तीन दशकों में जिस प्रकार महाराष्ट्र के हर वर्ग के कल्याण के लिए खुद को समर्पित किया, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उनका निधन एनडीए परिवार के लिए और मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है।"

उन्होंने आगे लिखा, "मैं पवार परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। इस शोक की घड़ी में पूरा एनडीए शोक-संतप्त पवार परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ॐ शांति शांति शांति।"

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया और लिखा, "महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और अन्य लोगों की जान लेने वाले निजी विमान दुर्घटना की दुखद खबर से मैं बेहद स्तब्ध और दुखी हूं। मेरी हार्दिक संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें।"

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने घटना पर दुख जताते हुए लिखा, "महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार जी के विमान दुर्घटना में निधन की खबर बेहद दुखद एवं पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।"

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने लिखा, "महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित चार लोगों के असामयिक निधन की खबर अत्यंत हृदयविदारक है। दिवंगत आत्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि एवं शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। ॐ शांति"

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने लिखा, "बारामती में हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार एवं अन्य लोगों की मौत की खबर अत्यंत पीड़ादायक है। मृतकों के परिजनों एवं उनके शुभचिंतकों के प्रति गहरी संवेदनाएं।"

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने दुख जताते हुए लिखा, "उपमुख्यमंत्री अजित दादा पवार का आज सुबह विमान दुर्घटना में दुखद निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की खबर अत्यंत दुखद है। सुबह-सुबह ऐसी खबर सुनना बेहद चौंकाने वाला है। मैं उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उनके जैसा साहस और कार्य-समर्पण का भाव मिलना असंभव है। उनके जाने से हमने एक जनहितैषी और निर्णायक नेतृत्व खो दिया है।"

उन्होंने आगे लिखा, "राज्य के गठन में उनके योगदान को महाराष्ट्र सदा याद रखेगा। दादा का असामयिक निधन उनके परिवार और सभी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए गहरा सदमा है। हम उनके परिवार के शोक में उनके साथ हैं। इस दुःख की घड़ी में, मैं ईश्वर के चरणों में प्रार्थना करता हूं कि पवार परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।"

Point of View

NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

अजित पवार का निधन कब हुआ?
अजित पवार का निधन 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में हुआ।
इस विमान दुर्घटना में कौन-कौन शामिल था?
इस दुर्घटना में अजित पवार के अलावा अन्य चार लोग भी शामिल थे।
इस घटना पर नेताओं की क्या प्रतिक्रिया थी?
गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गहरा दुख व्यक्त किया।
अजित पवार के कार्यों को कैसे याद किया जा रहा है?
अजित पवार को एक समर्पित नेता के रूप में याद किया जा रहा है, जिन्होंने महाराष्ट्र के कल्याण के लिए बहुत काम किया।
क्या इस घटना का राजनीतिक प्रभाव होगा?
यह घटना राजनीतिक जगत में एक बड़ा झटका है और इसके प्रभाव दूरगामी हो सकते हैं।
Nation Press