‘अमरावती पर वेटिकन सिटी का सुझाव नहीं देने के लिए जगन मोहन को आंध्र प्रदेश के सीएम का तंज
सारांश
Key Takeaways
- अमरावती
- नायडू ने मावीगन प्रस्ताव को अव्यावहारिक माना।
- उन्होंने वाईएसआर कांग्रेस पर तीखे आरोप लगाए।
- नायडू ने कानून व्यवस्था को बनाए रखने की बात की।
- अमरावती परियोजना को लेकर दावों को गलत बताया।
अमरावती, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी के ‘मावीगन' प्रस्ताव पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “यह अच्छा है कि उन्होंने राज्य की राजधानी के रूप में वेटिकन सिटी का सुझाव नहीं दिया।”
बापटला जिले में आयोजित एक जनसभा में नायडू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री का मछलीपट्टनम, विजयवाड़ा और गुंटूर (मावीगन) कॉरिडोर को राजधानी बनाने का विचार अव्यावहारिक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमरावती ही आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी बनेगी।
नायडू ने कहा, “यदि तुम जैसे 1,000 लोग भी प्रयास करें, तब भी अमरावती का विकास नहीं रुकेगा।” उन्होंने यह भी बताया कि संसद में 49 पार्टियों ने अमरावती को एकमात्र राजधानी के रूप में मान्यता देने वाले विधेयक का समर्थन किया, जबकि वाईएसआर कांग्रेस इसका विरोध करने वाली एकमात्र पार्टी थी।
मुख्यमंत्री ने वाईएसआरसीपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी महिलाओं के सम्मान की बात करती है, जबकि इसी पार्टी ने अमरावती की महिलाओं का अपमान किया और उनके चरित्र पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा में उनकी पत्नी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं।
नायडू ने कहा कि राज्य को बर्बाद करने के प्रयास किए जा रहे हैं और उन्होंने जनता से ऐसे प्रयासों को मिलकर विफल करने की अपील की। उन्होंने कहा, “राज्य पहले ही विभाजन के कारण भारी नुकसान झेल चुका है और अब हम इसके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि अमरावती परियोजना को लेकर किए जा रहे दावों में सच्चाई नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, “यह कहना गलत है कि अमरावती पर 2 लाख करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। यह एक स्व-फाइनेंस्ड प्रोजेक्ट है।”
नायडू ने कहा कि विजयवाड़ा, गुंटूर और मछलीपट्टनम का पूरा क्षेत्र पहले से ही सीआरडीए (कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी) के अंतर्गत आता है, लेकिन विरोधी अमरावती का नाम लेने से बचते हुए भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि कानून अपना काम करेगा और राज्य में अराजकता फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनता से ऐसे दलों और व्यक्तियों को नजरअंदाज करने का आग्रह किया।