आंध्र प्रदेश सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर सालाना ₹33,000 करोड़ खर्च, चंद्रबाबू बोले — 'यह बोझ नहीं, जिम्मेदारी है'
सारांश
Key Takeaways
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 1 मई को कृष्णा जिले के पमिडिमुक्कला में आयोजित जनसभा में घोषणा की कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर सालाना ₹33,000 करोड़ खर्च कर रही है — और उनके अनुसार, देश में इस स्तर पर ऐसा कहीं नहीं हो रहा। पिछले 22 महीनों में इस मद में ₹63,000 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है।
एनटीआर भरोसा पेंशन योजना: मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री नायडू ने पामर्रू विधानसभा क्षेत्र के पमिडिमुक्कला में एनटीआर भरोसा पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों को पेंशन वितरित करने के बाद जनसभा को संबोधित किया। राज्य सरकार इस समय 62.47 लाख लाभार्थियों को हर महीने पेंशन दे रही है और इसके लिए हर माह ₹2,700 करोड़ पहले से आवंटित रखे जाते हैं।
नायडू ने कहा, ''हम हर महीने ₹2,700 करोड़ पहले से तैयार रखते हैं। मैं इसे बोझ नहीं मानता, बल्कि अपनी जिम्मेदारी मानता हूं। यह योजना गरीबों को जरूरी राहत और सहारा देती है।''
पुनर्निर्माण का वादा और 22 महीनों की प्रगति
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर उन्होंने आंध्र प्रदेश के पुनर्निर्माण का वादा किया था। उन्होंने दावा किया कि पिछले 22 महीनों से इस वादे को पूरा करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। तेलुगुदेशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद से टूटी हुई व्यवस्थाओं को पुनर्स्थापित करने और राज्य की पहचान लौटाने का दावा किया गया।
बिजली दरों पर सरकार का रुख
नायडू ने दोहराया कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे के अनुसार राज्य सरकार बिजली दरों में कमी कर रही है और स्पष्ट किया कि बिजली की कीमतें नहीं बढ़ाई जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने नौ बार बिजली दरें बढ़ाकर जनता पर बोझ डाला था। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है।
विधायकों की जनता के सामने समीक्षा
मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि अब हर जनसभा में वह लोगों से उनके विधायकों के कामकाज पर सीधा फीडबैक लेंगे और जनता की मौजूदगी में विधायकों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा, ''मैं विधायकों के नहीं, जनता के पक्ष में खड़ा हूं। मेरी प्रतिबद्धता सिर्फ जनता के प्रति है।''
यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश राजस्व दबाव और राज्य विभाजन के बाद की वित्तीय चुनौतियों से जूझ रहा है। गौरतलब है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर इस स्तर का खर्च राज्य के बजट पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है — जिसकी निगरानी आने वाले महीनों में ज़रूरी होगी।