PM मोदी के जन्मदिन पर असम में 'आशीर्वाद का दीया' अभियान, हजारों लोगों ने जलाए दीप
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को असम के शहरों और गांवों में 'आशीर्वाद का दीया' अभियान के तहत हजारों लोग एकजुट हुए और दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राज्यभर के कार्यक्रमों की तस्वीरें साझा करते हुए इस जनभागीदारी को असम के लोगों के स्नेह और सम्मान की अभिव्यक्ति बताया।
कहाँ-कहाँ हुए कार्यक्रम
मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, यह आयोजन राज्य के ऊपरी, मध्य और अन्य क्षेत्रों तक फैला रहा। ढेकियाजुली, जागीरोड, नलबाड़ी, गोहपुर, मोरीगांव, राहा, दुलियाजान, डूमडूमा, बोकाखाट, तिंगखांग, गोलाघाट और माजुली सहित कई जिलों में शाम को दीप जलाने के कार्यक्रम आयोजित हुए।
साझा की गई तस्वीरों में शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के लोगों की व्यापक भागीदारी स्पष्ट रूप से देखी गई। मुख्यमंत्री ने कई अलग-अलग पोस्ट में इन तस्वीरों को साझा किया और हर बार लोगों की उपस्थिति को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री सरमा ने क्या कहा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, 'आज असम के लोगों ने राज्य के शहरों और गांवों में एकजुट होकर आशीर्वाद का दीया जलाया और अपने प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया।'
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'ये तस्वीरें असम के लोगों द्वारा पीएम मोदी के प्रति व्यक्त किए गए स्नेह और आशीर्वाद को दर्शाती हैं।' उन्होंने बोकाखाट, तिंगखांग, गोलाघाट और माजुली से प्राप्त तस्वीरों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्साह और उमंग का यह सिलसिला लगातार जारी रहा।
'आशीर्वाद का दीया' अभियान की पृष्ठभूमि
यह अभियान प्रधानमंत्री के जन्मदिन को जनभागीदारी के साथ मनाने की एक संगठित पहल थी। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) हर वर्ष 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर देशभर में सेवा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करती है।
असम में इस बार 'आशीर्वाद का दीया' की थीम के अंतर्गत दीप प्रज्वलन को केंद्रीय प्रतीक के रूप में अपनाया गया, जो परंपरागत भारतीय आशीर्वाद की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति मानी जाती है।
आम जनता की भागीदारी
मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई तस्वीरों और जानकारी के अनुसार, शाम के कार्यक्रमों में हजारों लोग शामिल हुए। राज्य के कई ज़िलों में एक साथ आयोजित इन कार्यक्रमों का दायरा असम के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों तक फैला रहा।
यह ऐसे समय में आया है जब असम में BJP सरकार राज्य में अपनी राजनीतिक पहुँच को मज़बूत करने के प्रयास में जुटी है। आगे भी इस तरह के सामूहिक कार्यक्रम राज्यस्तरीय राजनीतिक कैलेंडर का हिस्सा बने रहने की उम्मीद है।