असम चुनाव: भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने किया मतदान, जीत का किया भरोसा व्यक्त

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असम चुनाव: भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने किया मतदान, जीत का किया भरोसा व्यक्त

सारांश

असम विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान की प्रक्रिया ने राजनीतिक माहौल को सक्रिय किया। भाजपा और कांग्रेस के प्रमुख नेता मतदान केंद्रों पर पहुंचे, वोट डाले और जीत के प्रति विश्वास व्यक्त किया। आइए जानते हैं इस महत्वपूर्ण दिन के घटनाक्रम के बारे में।

Key Takeaways

  • मतदान की प्रक्रिया ने असम में राजनीतिक गतिविधियों को तेज किया।
  • भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने जीत की आशा व्यक्त की।
  • नेताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के लिए लोगों को प्रेरित किया।
  • इस चुनाव का असम के भविष्य पर बड़ा असर पड़ेगा।
  • मतदान हर नागरिक का संविधानिक अधिकार है।

दिसपुर, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू होते ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ गईं। गुरुवार को भाजपा और कांग्रेस के कई प्रमुख नेता एवं उम्मीदवार मतदान केंद्रों पर उपस्थित हुए, अपने मताधिकार का प्रयोग किया और जीत के प्रति आश्वस्ति व्यक्त की। उन्होंने जनता से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

दिसपुर सीट से भाजपा के उम्मीदवार और पूर्व सांसद प्रद्युत बोर्डोलोई ने मरिकलॉन्ग हाईस्कूल के उत्तरी खंड में वोट डाला। उन्होंने कहा, "मैंने अभी अपना वोट डाला है। जब मैंने दिसपुर से नामांकन भरा, तब मैं अपना वोट ट्रांसफर नहीं कर पाया, इसलिए यहाँ आकर मतदान किया।"

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी मतदान किया और अपनी पार्टी की जीत के प्रति विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "हम एक नया असम बनाएंगे। यदि हमारी सरकार बनी, तो हम असम की संस्कृति और परंपरा को सुरक्षित रखेंगे और प्रवासी मुद्दों पर काम करेंगे।"

कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन अपने परिवार के साथ मतदान करने पहुंचे। उन्होंने कहा, "मैं यहाँ अपना वोट डालने और अपने लोकतांत्रिक कर्तव्य को निभाने आया हूँ। मैं कुछ भी ऐसा नहीं कहूँगा जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ हो।"

उधरबोंड सीट से भाजपा के उम्मीदवार राजदीप गोआला ने मतदाताओं से वोट देने की अपील की। उन्होंने कहा, "मैं सभी से अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करने की अपील करता हूँ। मुझे उम्मीद है कि असम विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा और लोग भाजपा का समर्थन करेंगे।"

माजुली से कांग्रेस के उम्मीदवार इंद्रनील पेगू ने मतदान के दिन को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में बताया। उन्होंने कहा, "आज लोकतंत्र के लिए एक खुशी का दिन है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग मतदान के लिए बाहर आ रहे हैं।"

सदिया से भाजपा के उम्मीदवार बोलिन चेतिया ने भी अपनी पार्टी के प्रति जनता के समर्थन का दावा किया। उन्होंने कहा, "असम और खासकर युवा भाजपा के साथ हैं, क्योंकि उन्हें सरकार के कार्यों पर भरोसा है।"

भाजपा नेता मनब डेका ने मतदान के माहौल को उत्सव जैसा बताया। उन्होंने कहा, "असम में चुनाव एक त्योहार की तरह मनाया जाता है। मैं सभी से वोट डालने की अपील करता हूँ और प्रचार के दौरान कही गई किसी भी कठोर बात के लिए माफी मांगता हूँ।"

कांग्रेस गठबंधन के सहयोगी एजेपी के उम्मीदवार कुंकी चौधरी ने बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "लोग असली बदलाव के लिए बाहर आए हैं। व्यवस्था को बदलने में भाग लेना आवश्यक है।"

भाजपा के उम्मीदवार मृदुल कुमार दत्ता ने पहली बार उम्मीदवार के रूप में वोट डालने की खुशी व्यक्त की और भारी मतदान की सराहना की। वहीं, भाजपा के एक अन्य उम्मीदवार सूर्य रोंगफार ने भी जनता के उत्साह को पार्टी के समर्थन का संकेत बताया।

बोकाखाट से एनडीए के उम्मीदवार अतुल बोरा ने इस दिन को यादगार बताया। उन्होंने कहा, "हमने इस दिन के लिए कड़ी मेहनत की है। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी देखकर खुशी हो रही है। मतदान करना हर नागरिक का संविधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है।"

Point of View

NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

असम विधानसभा चुनाव का मतदान कब हुआ?
असम विधानसभा चुनाव का मतदान 9 अप्रैल को हुआ।
भाजपा और कांग्रेस के कौन-कौन से नेता मतदान करने पहुंचे?
भाजपा के प्रद्युत बोर्डोलोई, राजदीप गोआला और कांग्रेस के गौरव गोगोई, रकीबुल हुसैन जैसे नेता मतदान करने पहुंचे।
नेताओं ने मतदान के दिन क्या कहा?
नेताओं ने मतदान के दिन जीत की उम्मीद जताई और लोगों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की।
मतदान में कितनी भागीदारी रही?
मतदान के दिन बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जिसे नेताओं ने लोकतंत्र का उत्सव बताया।
मतदान का महत्व क्या है?
मतदान हर नागरिक का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है, और यह सरकार गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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