क्या असम सरकार ने शोध छात्रों के लिए 25 हजार रुपये मासिक सहायता की घोषणा की?

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क्या असम सरकार ने शोध छात्रों के लिए 25 हजार रुपये मासिक सहायता की घोषणा की?

सारांश

असम सरकार ने शोध छात्रों के लिए 25,000 रुपये मासिक सहायता की घोषणा की है। यह योजना असम के शोध और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूती देने में मदद करेगी। दिव्यांग छात्रों को 40,000 रुपये की सहायता मिलेगी।

Key Takeaways

  • असम सरकार ने शोध छात्रों के लिए 25,000 रुपये मासिक सहायता की घोषणा की है।
  • दिव्यांग छात्रों को 40,000 रुपये प्रति माह की विशेष सहायता मिलेगी।
  • योजना का उद्देश्य शिक्षा और नवाचार में गुणवत्ता बढ़ाना है।
  • सरकार का लक्ष्य ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।
  • यह पहल समावेशी शिक्षा नीति को भी रेखांकित करती है।

गुवाहाटी, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के शोध छात्रों को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए एक नई योजना का ऐलान किया है। इस पहल को उन्होंने असम के शैक्षणिक और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है。

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि 'अटल विचल अग्रगामी असम योजना' के अंतर्गत राज्य सरकार शोध छात्रों को 25,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसके साथ ही, दिव्यांग शोध छात्रों के लिए विशेष रूप से 40,000 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाएगी।

यह योजना 11 फरवरी 2026 को औपचारिक रूप से लॉन्च की जाएगी। मुख्यमंत्री ने लिखा, “असम में शोध छात्रों के लिए यह एक अच्छा समय है।” उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाओं को सशक्त बनाना, गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करना और विभिन्न विषयों में नवाचार को बढ़ावा देना है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह योजना मानव संसाधन और शोध अवसंरचना में निवेश के जरिए असम को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस वित्तीय सहायता का लाभ असम के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध कर रहे बड़ी संख्या में छात्रों को मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने बताया कि 'अटल विचल अग्रगामी असम' योजना का उद्देश्य शोध छात्रों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है, ताकि वे शोध, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें। दिव्यांग शोध छात्रों के लिए अतिरिक्त सहायता सरकार की समावेशी शिक्षा नीति को भी रेखांकित करती है।

यह पहल राज्य की शिक्षा और कौशल विकास व्यवस्था को सशक्त करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय स्तर पर शोध, नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की प्राथमिकताओं के अनुरूप है। पिछले कुछ वर्षों में असम सरकार ने उच्च शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और उद्योग-शिक्षा सहयोग से जुड़े कई कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मासिक सहायता शोध सामग्री, फील्डवर्क, डेटा संग्रह और जीवन-यापन जैसी आवश्यक खर्चों को पूरा करने में मदद करेगी, जो अक्सर शोध छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण होते हैं।

इस घोषणा का शैक्षणिक जगत में व्यापक स्वागत हुआ है। कई शोधकर्ताओं ने इसे समय पर उठाया गया कदम बताया है, जिससे न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि असम के विश्वविद्यालयों की ओर युवा प्रतिभाएं भी आकर्षित होंगी।

11 फरवरी को योजना के शुभारंभ के साथ ही यह पहल राज्य में एक सशक्त शोध संस्कृति विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगी और असम को क्षेत्र में नवाचार, शिक्षा और बौद्धिक विकास का केंद्र बनाने की दिशा में मजबूती देगी।

Point of View

जो न केवल शोध छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि राज्य के शैक्षणिक ढांचे को सशक्त बनाने में भी सहायक होगी। यह योजना देश में नवाचार और शोध के प्रति उत्साह बढ़ाने का एक प्रयास है।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

असम सरकार की नई योजना कब लॉन्च होगी?
यह योजना 11 फरवरी 2026 को औपचारिक रूप से लॉन्च की जाएगी।
दिव्यांग शोध छात्रों के लिए कितनी सहायता मिलेगी?
दिव्यांग शोध छात्रों को 40,000 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य शोध छात्रों पर आर्थिक बोझ को कम करना है ताकि वे अपने शोध कार्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
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